February 21, 2026

आरबीएसके टीम स्कूलों में जाए और अधिक बच्चे बुलाएं – सीएमओ

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  • समीक्षा बैठक में शिक्षा और आईसीडीएस विभाग के अधिकारियों को दिए निर्देश
  • स्वास्थ्य विभाग के साथ बेहतर तालमेल बनाकर अधिक बच्चों की हो स्क्रीनिंग
    जौनपुर, 10 दिसम्बर 2022। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ लक्ष्मी सिंह की अध्यक्षता में सीएमओ कार्यालय सभागार में शनिवार को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) तथा राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरकेएसके) की समीक्षा बैठक हुई। इस दौरान नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ राजीव कुमार ने आरबीएसके और आरकेएसके योजनाओं के बेहतर परिणाम लाने के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार (आईसीडीएस) विभाग को आपस में तालमेल बनाकर काम करने के लिए निर्देशित किया।
    उन्होंने बताया कि जिस दिन आरबीएसके की टीम स्कूलों या आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाएं, उस दिन शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अधिक से अधिक बच्चों को अपने संस्थानों में बुलाएं जिससे ज्यादा से ज्यादा बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित हो सके।

डिस्ट्रिक्ट अर्ली इन्वेंशन सेंटर (डीईआईसी) मैनेजर अमित गौड़ ने बताया कि आरबीएसके की स्क्रीनिंग में जन्मजात संसायाओं वालों की संख्या काफी कम है। इस पर नौ माह से एक भी सर्जरी नहीं कराने के लिए महराजगंज ब्लाक के डॉ केके बौद्ध को डॉ राजीव कुमार ने चेतावनी दी। जलालपुर की डॉ नन्दनी को समय से उपस्थित होकर आरबीएसके का काम करने के लिए निर्देशित किया। केराकत के डॉ राव और मड़ियाहूं के डॉ मंगलेश को बैठक में भाग नहीं लेने के लिए चेतावनी के साथ पत्र जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) पर ज्यादा से ज्यादा अति गंभीर कुपोषित (सैम) बच्चों को भर्ती कराने के लिए निर्देशित किया। बैठक में जनपद के आरबीएसके संबंधी डॉक्टर, खंड शिक्षाधिकारी तथा बाल स्वास्थ्य एवं पुष्टाहार (आईसीडीएस) विभाग से सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) ने हिस्सा लिया।

तम्बाकू सेवन नहीं करने की शपथ दिलाई
जौनपुर। बैठक में राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान सभी को तम्बाकू से दूर रहने की शपथ दिलाई। नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ राजीव कुमार ने प्रतिभागियों से अपने कार्यालय परिसर को तम्बाकू मुक्त किए जाने का अनुरोध किया। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारियों से क्षेत्रीय विद्यालयों को तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान घोषित करने के लिए कहा। विभाग की ओर से 150 विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम किए जायेंगे। कार्यक्रम में गैर संचारी रोग (एनसीडी) सेल के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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