सीएचसी मछलीशहर में लगी हैंडवॉश यूनिट

प्रसव कक्ष, आईसीयू व अन्य वार्ड में बढ़ेगी स्वच्छता
स्वास्थ्य सेवा देने से पहले और बाद में होगा सहायक
जौनपुर, 05 नवम्बर 2022 । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मछलीशहर में शनिवार को उन्नत हैंडवॉश यूनिट स्थापित की गई । इसका उपयोग प्रसव कक्ष, प्रसवोत्तर कक्ष, वाह्य रोगी विभाग (ओपीडी), पोस्ट नेटल केयर (पीएनसी) वार्ड, न्यू बार्न स्टेबलाइजर यूनिट (एनबीएसयू), गहन चिकित्सा इकाइयों (आइसीयू) एवं टीकाकरण केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवा देने से पहले और बाद में हाथ धोने के लिए उपयोग होगा । साथ ही जल की आपूर्ति और साबुन की उपलब्धता रहेगी जो स्टाफ को स्वच्छ कर उन्हें सुरक्षित बनाएगी । कोविड-19 की रोकथाम में भी हैंडवॉश यूनिट अहम साबित रहीं । संक्रमण से बचाव के लिए बार-बार साबुन से हाथ धोने को एक प्रमाणित, सस्ता और सरल उपाय बताया गया । स्वास्थ्य विभाग में हर स्तर पर इसका उपयोग किया जाता रहा है ।
सीएचसी मछलीशहर के अधीक्षक डॉ विशाल सिंह यादव ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संयुक्त राष्ट्र बाल आपातकोष (यूनीसेफ) की ओर से कायाकल्प योजना, लक्ष्य प्रमाणीकरण एवं नेशनल क्वालिटी इंश्योरेंस का प्रदेश में बेहतर क्रियान्वयन करने के लिए लगातार तकनीकी सहयोग दिया जा रहा है । संक्रमण से बचाव के लिए यूनीसेफ की ओर से प्रदेश के 200 सीएचसी पर एक-एक उन्नत हैंडवॉश यूनिट स्थापित की जा रही है । इसके तहत ही सीएचसी मछलीशहर के मातृत्व वार्ड में इसे स्थापित किया गया ।
उन्होंने कहा कि हैंडवॉश के लिए जरूरी नहीं है कि हर जगह आधुनिक उपकरण लगे हो। हाथ धोने के लिए ‘सुमन-के’ (SUMAN-K) फार्मूला अपनाकर कोई भी व्यक्ति खुद को स्वस्थ रख सकता है। इसके हर अक्षर में हाथ धोने के गूढ़ रहस्य छिपे हैं जो हाथों को वायरस या बैक्टीरिया से मुक्त कराने में पूरी तरह कारगर हैं । इसके मुताबिक़ ‘स’ का मतलब है कि पहले सीधा हाथ धुलें, ‘उ’ का मतलब है कि उल्टी तरफ से हाथ धुलें, ‘म’ का मतलब है कि मुठ्ठियों को अन्दर से धुलें, फिर ‘अ’ का मतलब है कि अंगूठों को धुलें, ‘न’ बताता है कि नाखूनों को रगड़-रगड़ कर अच्छे से धुलें क्योंकि नाखूनों में आसानी से मैल जमा हो सकती है और आखिर में ‘के’ का मतलब है कि उँगलियों के बाद कलाई को भी धुलना बहुत जरूरी है ।
