OMG रेलवे ने लगाई लाश की कीमत 15 हजार रुपए,पिता बोला 1 करोड़ ओर बहू को दो रेलवे में नौकरी

अलीगढ़ में रेलवे की लापरवाही के बाद रेलवे के अधिकारी एसके शुक्ला की शर्मनाक करतूत सामने आई है। जहां रेलवे की लापरवाही चलते एक 35 वर्षीय इंसान नीलांचल एक्सप्रेस में सफर करते हुए काल के गाल में समा गया।जिसके बाद रेलवे ने अपनी लापरवाही से पीछा छुड़ाने के लिए शर्मनाक करतूत को अंजाम दे डाला और ट्रेन की सीट पर बैठकर सफर कर रहे उस इंसान की मौत की कीमत की बोली लगा डाली। जिसके बाद बेटे की मौत की सूचना पर अलीगढ़ पहुंचे मृतक युवक के परिवार जनों को रेलवे की तरफ से 15000 रुपये उनके 35 वर्षीय बेटे हरकेश की मौत के बदले देने की पेशकश की गई। रेलवे की तरफ से मृतक युवक के मौत की बोली लगाए जाने के बाद मृतक युवक के परिवारी जनों ने अपने बेटे की मौत की कीमत के बदले मिल रहे 15 हजार रुपयों को ठुकरा दिया। जिसके बाद रेलवे की अपने बेटे की मौत का जिम्मेदार कराते हुए एक करोड रुपए की मांग के साथ ही मृतक की पत्नी को रेलवे में सरकारी नौकरी दिलाए जाने की मांग की गई।
जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ में नीलांचल एक्सप्रेस में 35 वर्षीय युवक हरकेश की मौत के मामले में रेलवे के एक अधिकारी ने मृतक बेटे की मौत की सूचना पर अलीगढ़ पहुंचे मृतक युवक के पिता को बेटे की लाश के बदले 15 हज़ार रुपये देकर मरहम लगाने की कोशिश की गई. लेकिन पिता ने बेटे की लाश की रेलवे अधिकारी की तरफ से 15 हजार रुपए देने की लगाई गई कीमत के बाद लाश के बदले पैसे लेने से इनकार कर दिया। वही मृतक के भाई राकेश दुबे ने कहा कि किसी भी इंसान की मौत की कीमत नहीं लगानी चाहिए। परिजनों ने रेलवे के लापरवाह कर्मचारी के खिलाफ शख़्त कार्रवाई की मांग की है। वही मृतक हरकेश के पिता संतराम दुबे ने मृतक बेटे की मौत के बदले 1 करोड़ रुपए ओर बेटे की पत्नी के लिए रेलवे से सरकारी नौकरी की मांग की है. हालांकि रेलवे के अधिकारी ने निराशाजनक बात कहते हुए मृतक के परिजनों से कहा कि आप कोर्ट जाइए और वहीं से आपको रेलवे विभाग से कुछ रिलीफ मिल सकेगा।
वही मृतक के पिता संत राम दुबे ने बताया कि रेलवे के एक अधिकारी जिनका नाम एस के शुक्ला बताया जा रहा है. मुआवजे के रूप में 15 हज़ार रुपये दे रहे थे. लेकिन उन्होंने बेटे की मौत के बदले दिए जा रहे उन 15 हजार रुपयों को लेने से इनकार कर दिया. पिता संतराम दुबे ने कहा कि मृतक के दो छोटे बच्चे हैं और उनके जीवन यापन के लिए रेलवे मृतक की पत्नी को नौकरी दें और मुआवजा दे। वहीं उन्होंने कहा कि उनके बेटे हरिकेश की मौत के लिए रेलवे विभाग जिम्मेदार है। ऐसी लापरवाही पूरे हिंदुस्तान में सामने नहीं आई. जिस तरीके से रेलवे विभाग के कर्मचारी ने यह लापरवाही दिखाई है।
मृतक के भाई राकेश ने बताया रेलवे की लापरवाही से हरकेश की मौत हुई। रेलवे के अधिकारी भाई के मौत की कीमत 15 हजार रुपये दे कर लगा रहे थे। राकेश ने कहा कि किसी भी इंसान की जान की कीमत रुपये नहीं हो सकती हैं। राकेष ने बताया कि जो कर्मचारी लापरवाही किए हैं उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही चाहता हूं .उन्होंने कहा कि मृतक भाई की पत्नी और बच्चों के लालन-पालन के लिए उचित मुआवजा दिया जाए. रेलवे की तरफ से मृतक की पत्नी के लिए रेलवे में सरकारी नौकरी की मांग की है.
वहीं पिता संतराम दुबे ने कहा कि रेलवे के कर्मचारियों की लापरवाही से हादसा हुआ है रेलवे वाले गलत काम कर रहे थे. उन्होंने बताया कि रेलवे किसी प्रकार की कोई सहायता नहीं दे रहा है. उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है और मृतक की पत्नी के लिए रेलवे से नौकरी की मांग की है. जिससे बच्चों का पालन-पोषण हो सकें. उन्होंने बताया कि रेलवे के अधिकारी ₹15000 दे रहे थे. लेकिन हमने लिया नहीं. उन्होंने कहा कि बेटे की पत्नी को रेलवे विभाग नौकरी दें, जिससे जीवन यापन का गुजारा कर सके. पिता संतराम दुबे ने बताया कि कि रेलवे के अधिकारी कहते हैं कि आप कोर्ट जाइये, कोर्ट से आपको रिलीफ मिलेगा, रेलवे विभाग कुछ नहीं देगा, वही रेलवे के एक अधिकारी जिनका नाम एस के शुक्ला बताया जा रहा है .मृतक के पिता को ₹15 हजार रुपए दे रहे थे. उन्होंने कहा कि मृतक के दो छोटे बच्चे हैं वही जीवन यापन के लिए नौकरी और मुआवजा दें. उन्होंने कहा कि ऐसी लापरवाही पूरे हिंदुस्तान में नहीं हुई, जिस तरीके से रेलवे विभाग में यह लापरवाही सामने आई है.
