हस्ताक्षर अभियान तथा गोष्ठी के माध्यम से लोगों जीवनशैली को लेकर आगाह किया
व्यायाम, योग, तैराकी तथा दौड़ को मधुमेह नियंत्रित करने के लिए कारगर उपाय बताया जौनपुर, 14 नवम्बर 2022 – विश्व मधुमेह दिवस पर सोमवार को गैर संचारी रोग (एनसीडी) के नोडल अधिकारी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एसीएमओ) डॉ राजीव कुमार, डॉ एससी वर्मा तथा जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ केके पांडे ने हरी झंडी दिखाकर जिला टीबी अस्पताल से जन जागरुकता रैली को रवाना किया । रैली गांधी तिराहा, अंबेडकर तिराहा होते हुए जिला टीबी अस्पताल पर समाप्त हुई । रैली में अवध पैरामेडिकल कालेज के स्टाफ ने भी भाग लिया । इसके अलावा हस्ताक्षर अभियान एवं गोष्ठी का आयोजन हुआ । गोष्ठी में डॉ राजीव कुमार ने कहा कि लोगों में मधुमेह की समस्या बढ़ रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे जटिलताओं वाली गंभीर समस्या समझते हैं। 40 साल से कम उम्र के लोग भी इससे प्रभावित हैं। टाइप-2 का मधुमेह गलत जीवन शैली से होता है। दिनचर्या और खानपान में सुधार कर इसके जोखिम को कम किया जा सकता है। एसीएमओ डॉ नरेन्द्र सिंह ने मधुमेह से बचाव के लिए शारीरिक जागरूकता को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि व्यायाम, योग, दौड़, तैराकी जैसे अभ्यास इसे नियंत्रित करने में बहुत सहयोगी है। तनाव भी मधुमेह का स्तर बढ़ाता है। इसलिए मधुमेह नियंत्रित करने के लिए तनाव से बचना चाहिए। फिजिशियन डॉ केके पांडे ने बताया कि सर फ्रेडरिक बैटिंग के जन्म दिवस पर हर वर्ष 14 नम्बर को यह दिवस मनाया जाता है। उन्होंने वर्ष 1992 में चार्ल्स बेट के साथ मिलकर इन्सुलिन की खोज की थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार हर साल 40 लाख लोग मधुमेह की वजह से दम तोड़ देते हैं। साल 2019 में देश में 77 मिलियन लोग मधुमेह के शिकार थे। वर्ष 2030 तक 101 मिलियन लोगों के प्रभावित होने की आशंका है। वहीं साल 2045 तक यह आंकड़ा 134.2 मिलियन को छू सकता है। इस वर्ष की विश्व मधुमेह दिवस की थीम “एक्सेस टू डायबिटीज़ एजुकेशन” है । गोष्ठी में जिला सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक (डीसीपीएम) मोहम्मद खुबैब रजा, एफएलसी जय प्रकाश तथा एनसीडी सेल के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे । ——————–+—————– थकान, कमजोरी, पेशाब अधिक होना मधुमेह के लक्षण जौनपुर – ठाकुरबाड़ी महिला विकास कल्याण समिति की ओर से विश्व मधुमेह दिवस पर सोमवार गोष्ठी का आयोजन हुआ । वक्ताओं ने बताया कि थकान, कमजोरी, अधिक पेशाब होना आदि डायबिटीज के मुख्य लक्षण हैं। समिति के नर्सिंग के प्रशिक्षक डॉ. मुन्ना पाण्डेय ने बताया कि डायबिटीज से छुटकारा पाने के लिए जागरूकता बहुत जरूरी है । उन्होंने डायबीटिज रोगियों के लिए उचित भोजन के साथ सावधानियों के बारे में जानकारी दी । एक्युप्रेशर थेरेपिस्ट डॉ. आभा सिंह ने मधुमेह से बचाव के लिए शरीर के विभिन्न एक्यूप्रेशर प्वॉइंट के बारे में बताया । संचालन गरुण कुमार ने किया । समिति के विभिन्न कार्यक्रमों के प्रशिक्षक सत्यजीत मौर्य ने बताया कि उचित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, पूरी नींद लेने जैसे छोटे-छोटे बदलाव करके इस बीमारी से बचा जा सकता । इस अवसर पर मेडिकल नर्सिंग के विद्यार्थी, ब्यूटीशियन की छात्राएं, संस्था के स्टॉफ लालमनी मिश्रा, प्रीति बरनवाल, पूजा गुप्ता, आदि उपस्थित रहे ।