February 22, 2026

डेंगू से बचाव के लिए ठाकुरबाड़ी ने किया जागरूक जागरूकता

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डेंगू से बचाव के लिए ठाकुरबाड़ी ने किया जागरूक
जागरूकता

  • समिति की टीम ने गीतों और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से बताए लक्षण व बचाव
  • सिंगरामऊ, सिरकिना, महमूदपुर, जगदीशपुरी, सीतापुर, सरायचंदी आदि गांवों में हुआ कार्यक्रम
    जौनपुर, 07 नवम्बर 2022 । ठाकुरबाड़ी महिला विकास कल्याण समिति ने सोमवार को बदलापुर क्षेत्र के गांवों में जागरूकता कार्यक्रम चलाया । गीतों और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से डेंगू बुखार के कारण, लक्षण और बचाव के बारे में जानकारी दी ।
    सिंगरामऊ, सिरकिना, महमूदपुर, जगदीशपुर गांव में आयोजित कार्यक्रम में जगदीशपुर, महमूदपुर के प्रधान संजय प्रताप सिंह, सिरकिना, सीतापुर, सरायचंदी आदि के प्रमुख दीपक सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भागीदारी की । मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ लक्ष्मी सिंह ने कहा कि क्षेत्र में जागरूकता कार्यक्रम कराने के लिए समिति को काफी पहले ही निर्देशित किया गया था । संस्था की प्रमुख डॉ अंजू सिंह ने बताया कि सीएमओ डॉ लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में समिति क्षेत्र में जागरूकता का कार्य कर रही है । सीएमओ ने स्वयं भी काफी रुचि ली और बदलापुर के साथ ही अन्य ब्लाकों में भी जागरूकता करवाने की बात कही । संस्था की तरफ से लालमणि मिश्र, सत्यजीत मौर्य, शुभम सिंह के साथ वीरेंद्र गौतम, शम्भूलाल, उमाशंकर सहित टीम ने गीतों और नाटक के माध्यम से संदेश देने का प्रयास किया कि डेंगू बुखार एडीज मच्छर के काटने से होता है । मच्छर काटने के तीन से पांच दिन के बीच डेंगू बुखार के लक्षण दिखने लगते हैं ।
    लक्षण – बताया कि लक्षणों के आधार पर डेंगू बुखार तीन प्रकार के होते हैं । साधारण डेंगू बुखार में ठंड लगने के साथ ही तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, आंखों के पिछले भाग में दर्द और अत्यधिक कमजोरी, भूख में कमी, जी मिचलाना, गले में हल्का सा दर्द, रोगी बेहद दुःखी तथा बीमार महसूस करता है और शरीर में लाल दाने पड़ जाते हैं । डेंगू हमरेजिक बुखार (डीएचओएफ) – इसमें डेंगू के लक्षणों के साथ ही नाक, मसूड़ों से खून आना, शौच या उल्टी में भी खून का आना जैसे लक्षण उभरकर आते हैं । शॉक सिन्ड्रोम के लक्षण जैसे धीरे-धीरे होश खोना, बीपी आदि कम होना आदि दिखाई देते हैं ।
    रोकथाम – एडीज मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए दवाई का छिड़काव करवाना चाहिए, आसपास साफ-सफाई रखनी चाहिए, मच्छरों के काटने से बचाव के लिए क्रीम लगाना चाहिए, स्प्रे करना चाहिए, नीम का धुंआं फैलाना चाहिए, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए। जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) भानु प्रताप सिंह ने बताया कि साधारण डेंगू का बुखार होने पर पैरासिटामोल की गोली खाकर या पीसकर और घोलकर पीकर बुखार पर काबू पाया जा सकता है।102 डिग्री या उससे अधिक बुखार हो जाने पर अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए। रोगी को आराम करने के साथ -साथ भोजन जरूर करते रहना चाहिए। शरीर में पानी की कमी नहीं होने देना चाहिए।

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