February 22, 2026

अब बच्चों का भी आयुष्मान भारत योजना में कराएं इलाज: सीएमओ

Share


30 से अधिक बच्चे आयुष्मान भारत योजना से हुए स्वस्थ
डेंगू पीड़ित भी उठा सकते हैं इस योजना का लाभ
डिस्ट्रिक्ट इम्प्लीमेंटेशन टीम लाभ दिलवाने में कर रही मदद

जौनपुर, 04 नवम्बर 2022
जनपद में डेंगू बुखार के मरीजों और बच्चों को भी आयुष्मान भारत योजना में इलाज की सुविधा मिल रही है। वहीं डिस्ट्रिक्ट इम्प्लीमेंटेशन टीम आयुष्मान कार्ड बनवाने में आ रही दिक्कतों का समाधान कर योजना का लाभ दिलवाने में पूरी मदद कर रही है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ लक्ष्मी सिंह ने कहा कि बीमार बच्चों तथा डेंगू बुखार के पीड़ितों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ अवश्य लेना चाहिए ।
योजना के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ राजीव कुमार ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से इलाज कराकर 30 से ज्यादा बच्चे स्वस्थ हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में बच्चों के इलाज करने की सुविधा है। त्रिभुवन सिंह मेमोरियल हॉस्पिटल, हरिओम हॉस्पिटल, ईशा हास्पिटल और चंदवक डोभी स्थित आरोग्य नीर हास्पिटल भी आयुष्मान भारत योजना में सूचीबद्ध हैं। जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (सीएचसी) पर डेंगू के इलाज की भी सुविधा है जबकि साल्वेशन हास्पिटल, ईशा, अरुणोदय, त्रिभुवन सिंह मेमोरियल, शकुन्तला, आशादीप, सिद्धार्थ व कुंवर दास सेवाश्रम हॉस्पिटल भी योजना में सूचीबद्ध हैं जिसका लाभ उठाया जा सकता है।
लाभार्थी खुश: योजना के तहत इलाज कराने वाले ज्यादातर डेंगू के मरीज तथा बच्चों के पिता इलाज की सुविधा से खुश हैं। तारापुर सेक्टर -1 निवासी मोहम्मद शफीक (55) को डेंगू बुखार के साथ जबरदस्त कमजोरी और शरीर दर्द था। उनका प्लेटलेट्स घटकर 9.000 हो गया था। 15 अक्टूबर को वह कन्धरपुर स्थित साल्वेशन हास्पिटल में भर्ती हुए जहां आयुष्मान भारत योजना के तहत एक सप्ताह उनका इलाज चला। 22अक्टूबर को डिस्चार्ज हुए तो उनका प्लेटलेट्स बढ़कर 1,45,000 हो गया था। 30 अक्टूबर को उन्होंने फोन पर बताया कि इस समय उनका प्लेटलेट्स बढ़कर 3,62,000 हो गया है। कमजोरी भी नहीं है। इसके लिए वह डॉ विवेक श्रीवास्तव तथा जिले की आयुष्मान की डिस्ट्रिक्ट इम्प्लीमेंटेशन टीम की प्रशंसा करते नहीं थक रहे थे। मड़ियाहूं के गदैया गांव के प्रमोद कुमार बहुत गरीब हैं। उनकी एक माह की बेटी को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, उसके हाथ -पैर नहीं चल रहे थे। उनका आयुष्मान कार्ड भी अप्रूव नहीं हुआ था। उन्होंने अपनी समस्या से आयुष्मान भारत की डिस्ट्रिक्ट इम्प्लीमेंटेशन टीम को अवगत कराया। टीम ने लखनऊ से बात कर जल्द से जल्द कार्ड अप्रूव कराने की कोशिश। साथ ही आयुष्मान भारत योजना में सूचीबद्ध कचहरी के पास स्थित त्रिभुवन सिंह मेमोरियल हॉस्पिटल के डॉ जयेश सिंह से भी बात कर कार्ड अप्रूव हो जाने तक नि: शुल्क इलाज करने का आश्वासन लिया। दो दिन तक कार्ड नहीं बन पाया तो प्रमोद बच्ची को लेकर जाने लगे, तो डिस्ट्रिक्ट इम्प्लीमेंटेशन टीम ने फोन कर उन्हें बुलाया और भर्ती कराया। बच्ची 20 दिन भर्ती रही। इलाज में उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। इस समय बच्ची स्वस्थ हैं। उसे सांस लेने में कोई दिक्कत नहीं है। हाथ-पैर भी हिला रही है। वह भी डॉक्टरों के व्यवहार से गदगद हैं। डॉ जय सिंह की तारीफ करते नहीं रखते।
21 हजार से अधिक का हुआ उपचार-
आयुष्मान भारत योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक (डीपीसी) डॉ बद्री विशाल पांडे बताते हैं कि अभी तक जिले में 21,612 लोगों ने आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराया है और उनके इलाज में 25,35,92,217 रुपये से खर्च हुए हैं। आयुष्मान कार्ड धारक योजना के तहत 05 लाख रुपए तक का निःशुल्क इलाज पूरे देश में सूचीबद्ध किसी भी अस्पताल में करवा सकता है।
इलाज में दिक्कत आये तो करें संपर्क-
जिला सूचना प्रणाली प्रबंधक हिमांशु शेखर सिंह ने बताया कि आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी किसी को इलाज में दिक्कत आ रही है तो जनपद की डिस्ट्रिक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट में जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ बद्री विशाल पांडे-91 94151 33125, जिला सूचना प्रणाली प्रबंधक हिमांशु शेखर सिंह-91 90441 17874, जिला शिकायत प्रबंधक अवनीश श्रीवास्तव-91 70803 69406 से सम्पर्क कर सकता है। आयुष्मान भारत योजना में सूचीबद्ध जनपद के सरकारी/निजी अस्पतालों में इलाज के दौरान आने वाली समस्याओं का निराकरण करने में डिस्ट्रिक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट पूरा सहयोग करती है जबकि निजी अस्पतालों में नोडल अधिकारी पूरा सहयोग देते हैं।

About Author