दीपावली पर जलाएं सिर्फ मिट्टी के दिए

जौनपुर चंदवक।
आधुनिकता की चकाचौंध में भारतीय संस्कृति को बचाने के लिए समस्त भारतीयों से दीवाली पर्व को लेकर स्वदेशी अपनाओ का संदेश देते हुए डोभी के समाजसेवी संदीप प्रजापति ने मिट्टी का दीया जलाने हेतु अपील किया है। उन्होंने कहा कि मिट्टी के दीयों का धार्मिक महत्व है और कुम्हारों को भी काफी उम्मीद रहती है।कृतिम लाइट कुम्हारों के रोजगार पर भी आफत बन गया था। अब धीरे-धीरे लोगों ने आधुनिकता को त्याग पुरानी पद्धति के तहत मिट्टी के बर्तन को प्रयोग करना शुरू कर दिया है जिससे कुम्हारों का धंधा भी अब नए तरीके से शुरू हो गया है ।प्रजापति ने कहा मिट्टी के दीए पर्यावरण के लिए भी नुकसानदायक नहीं होते हैं। दीपावली पर्व पर इस पुरानी परंपरा को भारतीय जीवंत रखें। संदीप ने कहा कहीं कहीं मिट्टी का नहीं मिलना भी कुम्हारों के लिए परेशानी का सबब बना है। कुम्हारों की मिट्टी से जुड़ी कलाकारी हेतु उनके प्रोत्साहन एवं आत्मनिर्भर भारत को साकार करने हेतु भारत सरकार से एवं माटी कला बोर्ड से मिट्टी के बर्तनों को बनाने हेतु इलेक्ट्रॉनिक यंत्र, मिट्टी ना मिलने की समस्या को खत्म करने के लिए जमीन चिन्हित कर पट्टा किए जाने हेतु ध्यान आकृष्ट कराएंगे। प्रजापति ने समस्त देशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए सभी के उज्जवल भविष्य की कामना की।
रिपोर्ट आनन्द कुमार DRS न्यूज़ नेटवर्क।
