हाथीपाँव फाइलेरिया का ही एक रूप, नियमित देखभाल से मिलेगा आराम
हाइड्रोसील के रोगियों के ऑपरेशन से दिलाई जा सकती है मुक्ति जौनपुर, 24 दिसम्बर 2022 । फाइलेरिया उन्मूलन के अंतर्गत मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में शुक्रवार को लिम्फोडिमा फाइलेरियासिस (एलएफ़) के रुग्णता प्रबंधन (मार्बिडिटी मैनेजमेंट) का दो दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ । इसमें सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के नोडल अधिकारियों तथा ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक (बीपीएम) को प्रशिक्षण दिया गया । सीएमओ डॉ लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में आयोजित इस प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत में प्रशिक्षणार्थियों को फाइलेरिया (हाथीपांव और हाइड्रोसील) के बारे में जानकारी दी गई । नोडल अधिकारी डॉ एसपी मिश्रा ने बताया कि हाथीपाँव फाइलेरिया का ही एक रूप है । इसकी उचित व नियमित देखभाल से रोगियों को आराम मिल सकता है । साथ ही बताया कि मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान के दौरान इस दौरान फाइलेरिया नियंत्रण अधिकारी बीपी सिंह तथा पाथ संस्था की जोनल कोआर्डिनेटर डॉ जसप्रीत कौर ने बताया कि जिन रोगियों में फाइलेरिया के लक्षण हैं और कई दिनों से इससे ग्रस्त हैं । उनका प्रबंधन किया जाना जरूरी है। हाइड्रोसील का ऑपरेशन कराकर उन्हें मुक्ति दिलाई जा सकती है। बताया कि जनपद में वर्ष 2021-22 के एमडीए अभियान से पूर्व घर-घर जाकर स्वास्थ्यकर्मियों ने हाइड्रोसील के रोगियों को खोजा था । इसमें कुल 1,552 रोगी चिह्नित किए गए थे । शासन की मंशानुसार ऐसे समस्त रोगियों का कैम्प लगाकर हाइड्रोसील का ऑपरेशन कराया जाए । जनपद में कुल चिह्नित रोगियों में से 757 हाइड्रोसील रोगियों का ऑपरेशन कराया जा चुका है । शेष का जनवरी में कैम्प लगाकर ऑपरेशन कराया जाएगा । इसी तरह से रुग्णता प्रबंधन के लिए हाथीपांव प्रभावित अंग की नियमित साफ-सफाई करके रोगियों को सूजन से दिलाने के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया । बताया गया कि वर्ष 2021-22 के एमडीए अभियान के पूर्व जनपद में कुल 5,224 लिम्फोडिमा के रोगी चिह्नित किए गए थे। इनमें से 1,227 को रुग्णता प्रबंधन प्रशिक्षण तथा एमएमडीपी किट दी गई। शेष को जनवरी में सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों (सीएचसी/पीएचसी) तथा हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों पर कैम्प लगाकर रुग्णता प्रबंधन का प्रशिक्षण देने एवं किट देने के लिए प्रशिक्षित किया गया। जनवरी से पूर्व में चिह्नित हाइड्रोसील एवं लिम्फोडिमा के रोगियों के प्रबंधन का प्रशिक्षण एवं किट प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है । कैम्प में अधिकतम 10 रोगियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा । यह प्रशिक्षण ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (टीओटी) था । प्रशिक्षक संबन्धित सीएचसी/पीएचसी पर जाकर शेष कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे एवं कार्यक्रम का क्रियान्वयन कराएंगे । बताया गया कि 10 फरवरी 2023 से एमडीए अभियान शुरू होगा जिसमें आमलोगों को उम्र के अनुसार डाई इथाइल कार्बामाजिन सिट्रेट (डीईसी) तथा एलबेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। अभियान के दौरान लोगों से स्वास्थ्यकर्मियों का सहयोग करने और दवा का सेवन कर फाइलेरिया के परजीवी से मुक्ति पाने की अपील की गई। बताया गया कि दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती तथा अत्यधिक बीमार लोगों को दवा का सेवन नहीं करना है।