February 21, 2026

छूटे बच्चों के टीकाकरण के लिए जनवरी से मार्च तक चलेगा विशेष अभियान

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छूटे बच्चों के टीकाकरण के लिए जनवरी से मार्च तक चलेगा विशेष अभियान
ई-कवच पोर्टल के जरिए सीएचसी को जनपद से मिलेंगे टीके

  • सीएचसी मछलीशहर में आशा, संगिनी, एएनएम और सीएचओ को किया प्रशिक्षित
    जौनपुर, 14 दिसंबर 2022।
    जनपद में जनवरी से मार्च तक विशेष अभियान चलाकर टीके से वंचित बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा। ई-कवच पोर्टल पर दर्ज जानकारियों के आधार पर ही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (सीएचसी) को इसके लिए टीके उपलब्ध कराये जायेंगे ।
    टीकाकरण से जुड़े सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ), एएनएम, आशा संगिनी तथा आशा कार्यकर्ताओं को ई-कवच पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने के बारे में मछलीशहर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं को फार्म देकर बताया गया कि इस फार्म के माध्यम से उन्हें घर-घर जाकर शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों का सर्वे करना है। उसी आधार पर बच्चे और मां से जुड़ी टीकाकरण संबंधी सारी जानकारियां दर्शानी होंगी। बच्चों की उम्र के अनुसार उनके टीकाकरण की स्थिति के बारे में बताना होगा। शून्य से एक वर्ष, एक से दो वर्ष और दो से पांच वर्ष के दौरान लगे टीकों के बारे में जानकारी भरनी होगी। जिस घर में बच्चे नहीं हैं, उस घर के मुखिया का नाम, उम्र, राशनकार्ड और मोबाइल नम्बर देना होगा।
    टीकाकरण के नोडल अधिकारी जिला प्रतिरक्षण अधिकारी (डीआईओ) डॉ नरेन्द्र सिंह ने बताया कि बच्चों को 13 जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए 11 प्रकार का टीकाकरण किया जाता है। इसके चलते बच्चों को हेपेटाइटिस-बी बर्थ डोज, बैसिलस गुरिन कोलमेट (बीसीजी-पोलियो), पेन्टा, फैक्सनल इन्जेक्टिवेटेड पोलियो वैक्सीन (एफआईपीवी), न्यूमोकोकल वैक्सीन (पीसीवी), रोटा, जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई), मिजिल्स रुबेला (एमआर), डिप्थीरिया परट्यूसिस टिटनेस (डीपीटी), टिटनेस डिप्थीरिया (टीडी) का टीकाकरण किया जाता है।
    चिकित्सा अधीक्षक डॉ विशाल सिंह यादव ने बताया कि आशा कार्यकर्ता सर्वे पूरा कर एएनएम के माध्यम से नियमित टीकाकरण अधिकारी के पास भेजेंगी। अधिकारी उस रिपोर्ट को तैयार कर जिला मुख्यालय को भेजेंगे। जिला मुख्यालय से इसी डाटा के आधार पर टीका मिलेगा। आशा कार्यकर्ता के सर्वे में मिले शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों का विवरण ई-कवच पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य है। प्रशिक्षण यूनीसेफ के डीएमसी बलवंत सिंह, बीसीपीएम वीरेंद्र कुमार सिंह, ब्लाक मोबलाइजेशन समन्वयक (बीएमसी) जयसिंह यादव ने दिया।

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