क्षय रोग नियंत्रण केंद्र पर नवनियुक्त एसटीएस को दिया प्रशिक्षण
नोटिफिकेशन, उपचार, निदान सहित विभिन्न क्रियाकलापों की दी जानकारी जौनपुर, 16 नवम्बर 2022 । राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत नवनियुक्त 15 वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षकों (एसटीएस) का मंगलवार से प्रशिक्षण शुरू हुआ । पहले दिन जिला क्षयरोग अधिकारी (डीटीओ) डॉ राकेश कुमार सिंह ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के सलाहकार डॉ विनोद कुमार की उपस्थिति में 2025 तक क्षय उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरे मनोयोग से कार्य करने को कहा । क्षय रोग उन्मूलन अभियान के जिला कार्यक्रम समन्वयक (डीपीसी) सलिल यादव तथा सीनियर ट्रीटमेंट लैब सुपरवाइजर (एसटीएलएस) राजीव श्रीवास्तव ने जिला क्षयरोग नियंत्रण केंद्र (डीटीसी) पर विस्तार से जानकारी दी । इस दौरान क्षय उपचाराधीनों के नोटिफिकेशन, उपचार, निदान, आउटकम, समस्त पब्लिक हेल्थ एक्शन, लैबोरेट्री सहित विभिन्न क्रियाकलापों के बारे में बताया । इसी साल अक्टूबर में राज्य स्तरीय तकनीकी सहयोग इकाई ने जनपद का भ्रमण कर नोटिफिकेशन की समीक्षा की थी । प्राप्त दिशा-निर्देशों के तहत सरकारी क्षेत्र के अस्पतालों व डॉक्टरों से 6,000 तथा निजी क्षेत्र के डॉक्टरों व अस्पतालों से 2500 क्षयरोगियों को खोजने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है । इसके मद्देनजर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में अभियान चलाया जा रहा है । शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए एनटीईपी की टीमें शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ केराकत, मछलीशहर, मड़ियाहूं, बदलापुर, डोभी और बरसठी क्षेत्र में निजी क्षेत्र के अस्पतालों व डॉक्टरों से नोटिफिकेशन बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं । इसके लिए 17 नवम्बर से विशेष अभियान शुरू होगा जो कि 31 दिसम्बर तक चलेगा । पोर्टल पर पंजीकृत स्वास्थ्य इकाईयों, नर्सिंग होमों, पैथालॉजी के साथ मेडिकल स्टोर का भ्रमण कर निजी क्षेत्र में भी क्षयरोगियों का नोटिफिकेशन बढ़ाने में सहयोग किया जाएगा । एनटीईपी और उत्तर प्रदेश एड्स कंट्रोल सोसायटी ने अधिकाधिक क्षय उपचाराधीनों की खोज के लिए जिला कारागार में मंगलवार कोनिरुद्ध बंदियों की क्षयरोग तथा एचआईवी जांच और स्क्रीनिंग के लिए तीन दिवसीय शिविर शुरू किया । पहले दिन कुल 160 बंदियों की स्क्रीनिंग हुई। इसमें से एक एचआईवी पाज़िटिव तथा 11 क्षयरोग के संभावित लक्षण के व्यक्ति मिले । उनके बलगम एकत्रित कर लैब में जांच के लिए भेजा गया है।