February 22, 2026

कम पड़ने से पहले ही औषधि भंडार से मंगा लें दवाएं

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कम पड़ने से पहले ही औषधि भंडार से मंगा लें दवाएं

निरीक्षण
-सीएमओ ने सीएचसी मड़ियाहूं का निरीक्षण किया, मरीजों से पूछा आपसे पैसे की मांग तो नहीं की जाती
-हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर सुधनीपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था का लिया जायजा, जरूरी निर्देश दिए

जौनपुर, 11 नवम्बर 2022।
मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ लक्ष्मी सिंह ने शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का निरीक्षण किया। सबसे पहले वह दवा वितरण कक्ष में गईं और उपलब्ध दवाओं का स्टाक देखा। सभी दवाएं मिलने पर उन्होंने हर समय दवाओं का स्टाक बनाए रखने तथा कम पड़ने से पहले ही जनपद के औषधि भंडार से उन्हें मंगा लेने का निर्देश दिया।
सीएमओ प्रसव कक्ष में गईं और कैलिस पैड देखा।कैलिस पैड में हवा नहीं भरी थी जिसे भरने के लिए कहा। साथ ही उसे बदलवा लेने को भी कहा। यहां यह जानना जरूरी है कि कैलिस पैड महिलाओं के प्रसव के समय उनकी पीठ के नीचे रखा जाता है।
उन्होंने वार्डों की भी जांच की और वहां के प्रभारी चिकित्साधिकारी (एमओआईसी) से हर सुबह चद्दर बदले जाने का निर्देश दिया। मरीजों से मिलकर उनसे पूछा कि आप से कोई पैसा तो नहीं मांग रहा था? आपको दवा बाहर से लेने के लिए तो नहीं लिखा गया है? मरीजों ने बताया कि उनसे न तो कोई पैसा मांगता है और न ही उन्हें बाहर की दवा लिखी जाती है। सारी दवाएं मिल जाती हैं। सीएमओ ने पीने के पानी की व्यवस्था देखी। उन्होंने आरओ का फिल्टर नियमित रूप से बदलवाने को कहा।
वह लैब में भी गईं और लैब टेक्नीशियन कृष्ण कुमार से बोलीं कहीं गंदगी नहीं दिखनी चाहिए। हमेशा साफ -सफाई रहनी चाहिए। उन्होंने लैब में होने वाली जांचों के बारे में भी जानकारी ली। वाह्य मरीज कक्ष (ओपीडी) में डॉक्टरों से बात की। उनसे बाहर की दवा नहीं लिखने और स्टाक में दवा कम होने से पहले ही उसे मंगवा लेने का निर्देश दिया। समय से ओपीडी में बैठने तथा मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करने की नसीहत दी।
वह डेंगू वार्ड में भी गईं। उन्होंने कहा कि जो भी मरीज भर्ती होने लायक हैं उन्हें जरूर भर्ती कराएं। नियमित रूप से बुखार के मरीजों की डेंगू की जांच करवाएं।
सीएचसी के बाद वह हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर सुदनीपुर गईं। वहां के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) से वहां होने वाली जांचों के बारे में जानकारी ली और वहां मौजूद दवाओं के बारे में पूछा। उनसे पूछा कि लाभार्थियों को आयुष्मान भारत से संबंधित जानकारी दी जा रही है कि नहीं? उन्होंने वहां के मरीजों की रिकॉर्ड फाइल चेक की।

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