बदलापुर के 105 क्षयरोगियों को वितरित की पोषण पोटली

बदलापुर के 105 क्षयरोगियों को वितरित की पोषण पोटली
सीएमओ ने वर्ष 2025 तक देश को क्षयरोग मुक्त कराने का संकल्प दोहराया
नियमित दवा खाने, पोषण सामाग्री लेते रहने, साफ-सफाई रखकर जल्द स्वस्थ हो जाएंगे : डीटीओ
जौनपुर, 31 अक्टूबर 2022 । सिंगरामऊ के गौरीशंकर मंदिर स्थित ठाकुर बाड़ी महिला विकास कल्याण समिति के कार्यालय पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ लक्ष्मी सिंह तथा जिला क्षयरोग अधिकारी (डीटीओ) डॉ राकेश कुमार सिंह ने सोमवार को बदलापुर के 105 क्षयरोगियों को पोषण पोटली वितरित की ।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए सीएमओ ने वर्ष 2025 तक देश से क्षयमुक्त करने के संकल्प को दोहराया । साथ ही पोषण के लिए मिलने वाले गुड़, चना, बोर्नविटा आदि का क्षयरोगियों को स्वयं ही उपयोग करने की नसीहत दी । उसे किसी के साथ साझा करने के लिए मना किया । उन्होंने बताया कि दवाओं के साथ-साथ पोषण सामाग्री का उपयोग करने से क्षयरोग से शीघ्र मुक्ति मिल सकेगी । लोगों की मांग पर उन्होंने “हम होंगे कामयाब—” गाकर सुनाया । क्षयरोगियों तथा आगंतुकों ने उनके साथ ही गाने को दोहराया ।
इस दौरान सीएमओ ने क्षेत्रवासियों को डेंगू से बचाव के बारे में जागरूक किया । उन्होंने कहा कि डेंगू के मच्छर दिन में काटते हैं और वह तीन फीट से ज्यादा ऊंचाई पर नहीं काटते । डेंगू से बचाव के लिए उन्होंने अनुपयोगी बर्तनों में पानी नहीं इकट्ठा होने की सलाह दी । उन्होंने कहा कि ज्यादा देर तक पानी इकट्ठा न रहने दें । डेंगू से प्रभावित होने पर प्लेटलेट्स बहुत कम हो जाते हैं । उन्होंने प्लेटलेट्स बढ़ाने में पपीते की पत्ती का रस, बकरी का दूध आदि को उपयोगी बताया ।
जिला क्षयरोग अधिकारी (डीटीओ) डॉ राकेश कुमार सिंह ने कहा कि एक समय था जब क्षयरोग हो जाने पर उसे घर से निकाल दिया जाता था । उसे छुआछूत का रोग माना जाता था । आज क्षयरोगियों को साथ लेकर चला जा रहा है । उनके पालन पोषण के लिए दवा, पोषण सामाग्री, जांच आदि सभी मुफ्त हैं । क्षयरोग में सबसे जरूरी बलगम की जांच कराना है । बलगम की जांच में क्षय रोग का पता चलने पर समझना चाहिए कि क्षयरोग है । उन्होंने कहा कि क्षयरोगियों के इलाज के दौरान सरकार हर माह 500 रुपए पोषण सहयोग के रूप में देती है जिससे वह पोषक तत्व का सेवन कर सकें । उन्होंने क्षयरोगियों से कहा जो दवा यहां बांटी जा रही है, वही दवा विदेशों में भी दी जा रही है । स्वस्थ होने के लिए जरूरी है कि नियमित दवा खाने, पोषण सामाग्री लेते रहने और साफ-सफाई रखकर जल्द स्वस्थ हो जाएंगे ।
जिला कार्यक्रम समन्वयक (डीपीसी) सलिल यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री क्षयरोग मुक्त भारत अभियान के तहत जनपद में 30 अक्टूबर तक कुल 5,944 क्षयरोग के मरीजों का पंजीकरण हुआ है । इसमें 5,058 सरकारी अस्पतालों के हैं जबकि 886 निजी अस्पतालों के हैं । अभी तक क्षयरोगियों के खाते में जनपद में डायरेक्ट बेनीफिसियरी ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से 1.49 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है । संस्था की अध्यक्ष डॉ अंजू सिंह ने अतिथियों का आभार जताया । साथ ही उपचाराधीनों से नियमित दवा का सेवन करने तथा पोषण सामाग्री को भी दवा ही समझकर नियमित रूप से उपयोग करने की सलाह दी । यह संस्था जनपद में निक्षयमित्र के रूप में सबसे पहले पंजीकृत हुई है और तीसरी बार पोषण पोटली बांटी जा रही है । सांस्कृतिक टीम ने गीतों के माध्यम से क्षयरोग की पहचान और बचाव के उपाय बताया । आदर्श भारती खेतासराय के व्याकरणाचार्य अखिलेश चंद्र मिश्र ने श्लोकों के माध्यम से स्वस्थ शरीर की महत्ता बताई ।
