February 22, 2026

आयोडीन की कमी से रुकता है बच्चों का विकास : सीएमओ गोष्ठी

Share

आयोडीन की कमी से रुकता है बच्चों का विकास : सीएमओ
गोष्ठी

  • राष्ट्रीय आयोडीन अल्पता विकार नियंत्रण कार्यक्रम के तहत सीएमओ कार्यालय सभागार में गोष्ठी
  • अचानक गर्भपात, मृत बच्चे का जन्म, बांझपन की समस्या में आयोडीनयुक्त नमक की भूमिका बताई
    जौनपुर, 21 अक्टूबर 2022।
    राष्ट्रीय आयोडीन अल्पता विकार नियंत्रण कार्यक्रम के तहत ग्लोबल आयोडीन अल्पता विकार नियंत्रण दिवस पर मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय सभागार में शुक्रवार को गोष्ठी हुई। गोष्ठी में सीएमओ डॉ लक्ष्मी सिंह ने लोगों को आयोडीनयुक्त नमक की उपयोगिता बताई। उन्होंने कहा कि आयोडीन की कमी से बच्चों में बुद्धिमत्ता की कमी, बौनापन, गूंगापन, बहरापन, घेंघा रोग होता है। महिलाओं को अचानक गर्भपात, मृत बच्चे का जन्म, गर्भ में बच्चे के मानसिक विकास में कमी, किशोरावस्था में बढ़त रुक जाना, महिलाओं में बांझपन की समस्या आ सकती है। इन बीमारियों से बचाव के लिए आयोडीनयुक्त नमक के इस्तेमाल का सुझाव दिया जाता है।
    नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ राजीव कुमार ने आयोडीन युक्त नमक के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए प्रतिदिन 150 माइक्रोग्राम (आधा चम्मच) आयोडीन युक्त नमक का सेवन आवश्यक है। आयोडीन से थायराइड और हार्मोन बनता है। यह शरीर के लिए अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि न्यूट्रिशन इंटरनेशनल एंड इंडियन कोअलिशन फॉर कंट्रोल ऑफ आयोडीन डिफिशिएंसी डिसऑर्डर (आईसीसीआईडीडी) के सर्वेक्षण (2018-19) के अनुसार आयोडीन युक्त नमक का सेवन करने वाले भारतीय परिवारों का प्रतिशत 81.1 प्रतिशत हो गया है। आयोडीन युक्त नमक के बारे में जागरूकता शहरी क्षेत्रों में 62 प्रतिशत तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 50.5 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि जनपद के सभी सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर आयोडीन युक्त नमक के सेवन के प्रति जागरूकता कार्यक्रम हो रहे हैं। हर ब्लॉक के चिह्नित पांच स्कूलों पर बच्चों को आयोडीन की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी जा रही है। गोष्ठी को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) सत्यव्रत त्रिपाठी, आयुष्मान भारत योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक (डीपीसी) डॉ बद्री विशाल पांडे ने भी संबोधित किया।

About Author