February 22, 2026

जिले में 98 % गर्भवती टीका से हुई प्रतिरक्षित

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वीएचएसएनडी सत्र

  • गर्भवती को 180 गोली आयरन तथा 360 गोली कैल्शियम की मुफ्त में दी गई
  • इस वर्ष ग्रामीण में 49,824 व हर माह 4,152 टीकाकरण सत्रों का आयोजन

जौनपुर, 21 अक्टूबर 2022

जिले में ग्रामीण स्तर पर हर साल कुल 49,824 टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाते हैं। इसमें 4,152 सत्र हर महीने लगते हैं। मासिक लक्ष्य में अब तक 95 प्रतिशत टीकाकरण हो चुका है। वहीं गर्भवती का टीकाकरण लक्ष्य के सापेक्ष 98 प्रतिशत हो चुका है। यह कहना है जिला प्रतिरक्षण अधिकारी (डीआईओ) डॉ नरेन्द्र सिंह का।
डॉ सिंह ने बताया कि जिले में एक वर्ष तक के 1,14,160 बच्चे और 1,34,899 गर्भवती हैं। पांच वर्ष तक के 5.50 लाख बच्चे हैं। इनका नियमित टीकाकरण सप्ताह में दो दिन हर बुधवार और शनिवार को होता है। इस दौरान माइक्रोप्लान के अनुसार ग्रामीण स्तर पर टीकाकरण सत्र का आयोजन कर एएनएम करती है। ग्रामीण सत्र स्थलों पर गर्भवती व बच्चों का टीकाकरण किया जाता है। जिले में रिक्त उपकेंद्रों (सब सेंटर) के क्षेत्र में सप्ताह में दो दिन मंगलवार और गुरुवार को माइक्रो प्लान के अनुसार टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाते हैं। बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि हमारा लक्ष्य हर बच्चे को टीका से प्रतिरक्षित करना है। इसी क्रम में मोथहा और मुस्तफाबाद में बुधवार को 25 बच्चों, 17 बच्चों और तीन गर्भवती का टीकाकरण किया गया। उन्होंने बताया कि सत्र पर बच्चों एवं महिलाओं को पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी सभी सेवाएं भी दी जाती हैं। गर्भवती को 180 गोली आयरन तथा 360 गोली कैल्शियम की मुफ्त में दी जाती है। गर्भवती की प्रसव पूर्व जांचें जैसे पेट का परीक्षण, खून की जांच, यूरिन की जांच, वजन, ब्लड प्रेशर जांच मुफ्त में की जाती है। बच्चों, महिलाओं और अभिभावकों को संतुलित आहार के बारे में जागरूक किया जाता है। उन्होंने बताया कि मोथहा गांव में एएनएम चंद्रकला मौर्या, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रमीला, आशा कार्यकर्ता सिन्धू निषाद तथा मुस्तफाबाद में एएनएम बिन्दू राय और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ऋचा सिंह ने गर्भवती और बच्चों को टीकाकरण किया। साथ ही उनका वजन किया गया। सभी को पोषण आहार के बारे में निःशुल्क परामर्श भी दिया गया।
टीकाकरण से 12 बीमारियों की सुरक्षा
टिटनेस, गलाघोंटू, कालीखांसी, हेपेटाइटिस-बी, पोलियो, बैक्टीरियल न्यूमोनिया, मेनेन्जाइटिस, मिजिल्स, रुबेला, जापानी मस्तिष्क ज्वर, क्षयरोग, रोटा वायरस (डायरिया) से बच्चे सुरक्षित होते हैं।

लाभार्थियों ने की सराहना
सिरकोनी ब्लाक अंतर्गत मुस्तफाबाद गांव में बुधवार को आयोजित ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएसएनडी सत्र) पर राजू कश्यप के दो बच्चों वरुण और गौरा (डेढ़ -डेढ़ माह) को पेन्टा-1, रोटा-1 तथा पीसीबी वैक्सीन लगाई गई। राजू ने बताया कि टीकाकरण में कोई परेशानी नहीं हुई। मेराज अहमद (छह माह) नाम के बच्चे को पेंटा-3, पीसीबी -3, रीटा-3 वैक्सीन लगाई गई। नेहा (एक वर्ष चार माह) तथा नृत्या (तीन वर्ष) कुपोषित के रूप में चिह्नित किए गए। उनके पिता अनुज गौड़ को बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान देने, उनके भोजन में पांच खाद्य समूहों की खाद्य सामग्री शामिल करने का निर्देश दिया गया। इसी तरह से मोथहा गांव के प्राइमरी स्कूल पर आयोजित वीएचएसएनडी सत्र में सृष्टि (तीन माह) को ओपीवी-2, रोटा-2, पेंटा-2 वैक्सीन लगाई गई।

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