टी डी कॉलेज के मेन गेट पर नई शिक्षा नीति 2020 के खिलाफ छात्र संगठन- एआईडीएसओ ने चलाया हस्ताक्षर अभियान

टी डी कॉलेज के मेन गेट पर नई शिक्षा नीति 2020 के खिलाफ छात्र संगठन- एआईडीएसओ ने चलाया हस्ताक्षर अभियान
जौनपुर, उत्तर प्रदेश।
ऑल इण्डिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स आर्गेनाइजेशन (एआईडीएसओ) की अखिल भारतीय कमेटी के आह्वान पर शिक्षा के निजीकरण, व्यापारीकरण व सांप्रदायीकरण को बढ़ावा देने वाली नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के खिलाफ एक करोड़ देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। जिसका समापन 28 सितम्बर 2022 को शहीद ए आज़म भगत सिंह जयंती के अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों में राज्य मुख्यालयों पर छात्र प्रदर्शन आयोजित कर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन हस्ताक्षर पत्र राज्यपाल को सौंप कर किया जाएगा। इसी कड़ी में एआईडीएसओ की उत्तर प्रदेश राज्य कमेटी के द्वारा 28 सितंबर 2022 को लखनऊ इको गार्डन में राज्य स्तरीय छात्र प्रदर्शन आयोजित कर हस्ताक्षर पत्र महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश को सौंपने का निर्णय लिया गया है।
छात्र आंदोलन की कड़ी में आज 19.09.2022 को एआईडीएसओ कार्यकर्ताओं के द्वारा टी डी कॉलेज के मुख्य द्वार पर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इस देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान को सफल बनाने हेतु संगठन के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने छात्रों, अभिभावकों, बुद्धिजीवियों से हजारों हस्ताक्षर दर्ज करवाये और भारी संख्या में लखनऊ चलने के लिए छात्रों से अपील किया। हस्ताक्षर ज्ञापन में शिक्षा के निजीकरण, व्यापारीकरण व सांप्रदायीकरण को बढ़ावा देने वाली नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को रद्द करने, फीसवृद्धि वापस लेने, पाठ्यक्रमों में मनमाना संशोधन बंद करने, पाठ्यसामग्री सस्ता करने जैसे अन्य प्रमुख मांगें की गई है।
मांगें -(1) नई शिक्षा नीति 2020 को पूरी तरह से वापस लो।
(2) हर स्तर पर की गई फीस वृद्धि वापस लो।
(3) कॉपी – किताब सहित अन्य शैक्षणिक सामग्रियों के दाम कम करो।
(4) शिक्षा पर केंद्रीय बजट का 10% व राज्य बजट का 30% हिस्सा खर्च करो।
(5) सभी स्कूल – कॉलेजों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की स्थाई भर्ती करो।
(6) स्कूल कॉम्पलेक्स के नाम पर सरकारी स्कूलों को बंद करने की नीति वापस लो व सरकारी स्कूलों को विकसित करो।
(7) आठवीं कक्षा तक पास-फेल प्रणाली पुनः लागू करो।
(7) सामान्य शिक्षा में सेमेस्टर प्रणाली को खत्म करो।
(8) नवजागरण काल व आजादी आंदोलन के मनीषियों, क्रांतिकारियों, साहित्यकारों व विचारको के जीवन चरित्र को मिटाकर इतिहास का पुनर्लेखन और पाठ्यक्रमों में मनमाने ढंग से परिवर्तन पर रोक लगाओ।
(9) विश्वविद्यालयों सहित तमाम शैक्षणिक संस्थानों की स्वायत्तता पर हमले बंद करो तथा विकास के लिए पर्याप्त फण्ड उपलब्ध कराओ। शोध व अनुसंधानों को किसी भी तरह के आर्थिक और राजनीतिक प्रभाव से दूर रखो।
(10) क्लासरूम शिक्षण की जगह भेदभावपूर्ण ऑनलाइन शिक्षण को लागू करना बंद करो।
(11) कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट को रद्द करो और कोचिंग सेंटर के बढ़ते बाजार को प्रोत्साहन देना बंद करो।
(12) मेडिकल शिक्षा में एनएमसी एक्ट 2019 के क्रियान्वयन पर रोक लगाओ। मेडिकल पाठ्यक्रम में अवैज्ञानिक तथ्यों को शामिल करना बंद करो।
(13) जनवादी, वैज्ञानिक व धर्मनिरपेक्ष शिक्षा पद्धति लागू करो।
इस अवसर पर छात्र संगठन- एआईडीएसओ के राज्य सचिव दिलीप कुमार, प्रवीण विश्वकर्मा, संतोष कुमार, पूनम, अंजली सरोज, चंदा, विकास, प्रवीण शुक्ल आदि मौजूद रहे।
