February 23, 2026

जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों की एचआईवी और टीबी की हुई जांच

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  • पहले दिन 1350 में से 350 बंदियों की जांच हुई, 25 अगस्त तक जिला कारागार में लगेगा शिविर
  • दो सप्ताह से अधिक समय तक बुखार, खांसी, वजन कम होने, भूख न लगने के लक्षणवालों के लिए सैम्पल
    जौनपुर, 22 अगस्त 2022 । जिला कारागार में सोमवार को स्वास्थ्य शिविर लगाकर निरुद्ध बंदियों की एचआईवी तथा क्षयरोग की स्क्रीनिंग और जांच की गई। पहले दिन इस शिविर का जिला क्षयरोग अधिकारी (डीटीओ) एवं जिला एड्स नियंत्रण अधिकारी डॉ राकेश सिंह और नेशनल ट्यूबरक्लोसिस इलीमिनेशन प्रोग्राम (एनटीईपी) कार्यक्रम के जिला समन्वयक सलिल कुमार यादव ने निरीक्षण किया।
    डीटीओ डा राकेश कुमार सिंह ने कहा कि जिन्हें दो सप्ताह से अधिक समय तक बुखार हो, खांसी आ रही हो, वजन कम हो रहा हो, भूख न लग रहा हो, रात में पसीना आने जैसे लक्षण दिख रहे हों वह बलगम का सैम्पल देना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि बलगम का एक सैम्पल मौके पर लिया जाएगा जबकि एक सैम्पल सुबह का होना चाहिए जिससे शासन की मंशानुरूप जनपद को क्षयरोग मुक्त बनाया जा सके। जिला समन्वयक सलिल कुमार यादव ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम एवं उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में 22 अगस्त से 25 अगस्त तक जिला कारागार में निरुद्ध कुल 1350 बंदियों की एचआईवी तथा क्षयरोग की स्क्रीनिंग एवं जांच होनी है। पहले दिन 350 लोगों की स्क्रीनिंग की गई जिसकी जांच रिपोर्ट का एक दो दिन बाद पता चलेगा। इसके लिए एड्स नियंत्रण कंट्रोल सोसाइटी के अंतर्गत शुभेच्छा प्रोजेक्ट में प्राइवेट पब्लिक मिक्स कोआर्डिनेटर (पीपीएम) तथा टीबी-एचआईवी कोआर्डिनेटर के निर्देशन में जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों की टीबी और एचआईवी की जांच की जा रही है। जिला पुरुष चिकित्सालय एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मड़ियाहूं के इंटीग्रेटेड काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर (आईसीटीसी) काउंसलर, आईसीटीसी के लैब टेक्नीशियन (एलटी) के साथ क्षय रोग केंद्र कर्मियों की इस शिविर में ड्यूटी लगाई गई है। इस दौरान जिला कारागार में बंदियों के लिए बने स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती वर्तमान में उपचारित टीबी मरीजों के स्वास्थ्य एवं देखभाल की भी जानकारी जिला क्षयरोग अधिकारी ने ली। उन्होंने उपचारित मरीजों को दवा को नियमित तौर पर लेने एवं समय-समय पर फालोअप कराने के निर्देश तैनात चिकित्साधिकारी डा रवि को दिया।

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