संसार की सबसे बड़ी पूंजी है तनावमुक्त जीवन : प्रो. अजय

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य के निर्देशन में प्रबंध अध्ययन संकाय के विद्यार्थियों हेतु व्यक्तित्व विकास एवम् तनाव प्रबंधन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन रज्जू भैया के आर्यभट्ट सभागार में संपन्न हुआ ।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अजय द्विवेदी ने कहा कि छात्रों को अपने मन से डर को निकालकर स्पष्टवादी बने और सत्य के साथ खड़े रहें। संघर्ष से आगे बढ़ने वाले का नाम सदैव याद रखा जाता है।
व्यक्तित्व विकास कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों के अंदर छिपी प्रतिभा के माध्यम से व्यक्तित्व निर्माण करना है। छात्रों को स्वयं से प्रेरणा लेते हुए प्रत्येक कठिनाइयों को एक अवसर समझना चाहिए। अपने विचारों को बेबाकी से रखने की कला अत्यंत महत्वपूर्ण है ।विश्वविद्यालय प्रशासन इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से प्रत्येक छात्र को सशक्त बनाना चाहते है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मनोविज्ञान के ज्ञाता प्रो. अजय प्रताप सिंह ने तनाव प्रबंधन पर विचार रखते हुए कहा कि आज के दौर में तनाव मुक्त रहना भी सबसे बड़ी पूंजी है। विद्यार्थियों को समय- समय पर विभिन्न कार्यक्रमों और अभिव्यंजक कला चिकित्सा के माध्यम से तनाव मुक्त रहने का प्रयास करना चाहिए। अधिकतर छात्र परीक्षा के भय से भयभीत हो जाते है जिससे उनका परिणाम प्रभावित होता है। उन्हें आत्मविश्वास के साथ प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम अध्यक्ष रज्जू भैया के निदेशक प्रो. देवराज सिंह ने कहा कि आज की भाग दौड़ की जिंदगी में तनाव मुक्त रहना बड़ी चुनौती है। हमारा व्यवहार भी हमारे तनाव का कारण है। यदि हमारा व्यवहार अच्छा होगा, तो अधिकतर संभावना है कि हम तनाव मुक्त रहेंगे।
इस कार्यशाला के समन्वयक व्यवहारिक मनोविज्ञान के सहायक आचार्य डॉ मनोज कुमार पाण्डेय ने कार्यशाला की प्रस्तावना रखी तथा अभिव्यंजक कला चिकित्सा के माध्यम तनाव प्रबंधन में कैसे कारगर है, इस पर चर्चा किया ।
कार्यशाला तीन सत्रों में संपन्न हुई। प्रथम सत्र में प्रबंध अध्ययन संकाय के छात्रों द्वारा प्रदूषण व ग्रीन हाउस के प्रभाव पर चर्चा परिचर्चा करते हुए उसके समाधान पर अपने सुझाव दिए।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में छात्रों द्वारा सामूहिक गतिविधियों के अंतर्गत विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न पहलुओं से संबंधित प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमे प्रतीक्षा सिंह, सना फातिमा, अपेक्षा सिंह व शारिब हसन खान का समूह विजेता रहा। उपविजेता समूह में शिवांगी सिंह, सदब मुमताज, मयंक रहे।
तीसरे सत्र में अभिव्यंजक कला चिकित्सा के अंतर्गत एकल गीत, एकल व सामूहिक नृत्य के माध्यम से छात्रों ने तनाव प्रबंधन के तरीकों को सीखा।
कार्यक्रम का संचालन उद्देश्य सिंह ने किया। इस अवसर पर दिव्यांशु सिंह, अमित तिवारी, हिमांशु सिंह, सुशील पटेल, ऋषभ पाण्डेय, सौरभ गिरी समेत प्रबंध अध्ययन संकाय के विभिन्न विभागों के छात्र उपस्थित रहे।
