पोषण उत्सव में बताए स्तनपान के फायदे आईसीडीएस विभाग की ओर से सितंबर तक चलेगा ‘संभव’ अभियान
पोषण व स्वास्थ्य से जुड़ी विभिन्न जन जागरूक गतिविधियां होंगी
जौनपुर, – गंभीर कुपोषित (सैम) बच्चों की पहचान, उनकी स्वास्थ्य जांच, संदर्भन और पोषण प्रबंधन करने के लिए जनपद के बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग (आईसीडीएस) की ओर से एक जुलाई से ‘संभव’ (SAMbhav) अभियान का शुभारंभ किया गया है। इसके तहत पूरे जुलाई आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्तनपान प्रोत्साहन के लिए ज़ोर दिया जाएगा। बीते दिनों विकास खंड सिरकोनी के नेवादा, मुस्तफाबाद, विशुनपुर मझवारा, जफराबाद आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण उत्सव का आयोजन हुआ। जहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने धात्री महिलाओं को स्तनपान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि सिरकौनी ब्लॉक के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर विभिन्न जन जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं जिसमें बताया जा रहा है कि बच्चे के जन्म के एक घंटे के अंदर मां को अपना पहला पीला गाढ़ा दूध जरूर पिलाना चाहिए। छह माह तक केवल माँ का दूध पिलाना चाहिए। इसके अलावा अन्य कोई तरल पदार्थ नहीं पिलाना चाहिए। इसके बाद दो साल तक स्तनपान के साथ ऊपरी आहार भी देना चाहिए। बच्चा बीमार रहे तब भी स्तनपान कराना चाहिए। बच्चे को हर दो घंटे पर स्तनपान कराते रहना चाहिए। मां को इस बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि स्तनपान कराते समय पर्याप्त साफ-सफाई रहे। बच्चा बीमार लोगों के पास न जाने पाए।
जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीईओ) डॉ आरबी सिंह ने बताया कि यह अभियान जुलाई से लेकर सितंबर तक चलेगा। अगस्त में आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण चौपाल लगेगी जिसमें छह माह से ऊपर के बच्चों को ऊपरी आहार देने के बारे में बताया जाएगा। उनके लिए अन्नप्राशन का भी आयोजन होगा जिसमें बच्चों को क्या खिलाया जाए, क्या न खिलाया जाए, के बारे में बताया जाएगा। सितम्बर में आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण पंचायत का आयोजन होगा जिसमें साफ-सफाई, दस्त प्रबंधन और एनीमिया के बारे में लोगों को जागरूक किया जाएगा। अभियान के दौरान लक्षित समूह अति कुपोषित (सैम), कुपोषित (मैम) तथा गंभीर अल्प वजन (जिन बच्चों का उम्र के हिसाब से कम वजन हो) के बच्चों पर काम किया जाएगा। जनपद के समस्त 5321 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नियुक्त हैं। केंद्रों पर बच्चों का डाटा एकत्र करने का काम किया जा रहा है।

