परीक्षा ओएमआर शीट से , 2 महीने बाद भी परिणाम नहीं हो सके घोषित
विश्वविद्यालय की लापरवाही से छात्रों में बढ़ रहा है आक्रोश
कई बार समस्याओं के कारण मूल्यांकन रहा बाधित
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रशासन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत हुई बीए बीएससी और बीकॉम प्रथम वर्ष की परीक्षा का परिणाम 2 महीने बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन घोषित नहीं कर पाया। ओएमआर सीट पर हुई इस परीक्षा का परिणाम जल्द से जल्द आना था। लेकिन 2 माह बीत जाने के बाद भी अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन ने रिजल्ट जारी नहीं किया है।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की यूजी पीजी की मुख्य परीक्षाएं 2 महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक उनका परिणाम घोषित नहीं हो पाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर परिणाम में देरी की बात कह रहा है। इस परीक्षा में कुल 971 कॉलेजों में 5 लाख 90 हज़ार छात्र शामिल हुए थे। परीक्षा परिणाम को लेकर छात्रों में लगातार आक्रोश बढ़ रहा है। परीक्षा परिणाम ना आने से उन्हें आगे की पढ़ाई में समस्या उत्पन्न हो रही है।
पूर्वांचल विश्वविद्यालय की स्नातक परास्नातक की मुख्य परीक्षाएं 24 मार्च से शुरू हुई थी। इसमें जौनपुर,आजमगढ़,गाजीपुर, मऊ और इलाहाबाद के एक कॉलेज को मिलाकर कुल 971 कॉलेज में स्नातक में करीब 4 लाख 50 हजार छात्र शामिल हुए थे। जबकि परास्नातक में 1 लाख 10 हज़ार छात्र थे। यूजी पीजी की परीक्षाएं मई के पहले सप्ताह में समाप्त हो गई मूल्यांकन भी 2 मई से शुरू हो गया था। मूल्यांकन कार्य भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि जून के अंतिम सप्ताह तक समाप्त हो जायेगा। लेकिन कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही के कारण मूल्यांकन बाधित भी हुआ। जिसका खामियाजा छात्र भुगत रहे हैं । जो कि अभी तक परीक्षा परिणाम जारी नहीं किया जा सका है। विश्वविद्यालय प्रशासन की मानें तो सिर्फ दो ही विषय का मूल्यांकन बचा था जो कि अंतिम दौर में। परीक्षा परिणाम को लेकर कॉलेज प्रशासन व छात्रों में आक्रोश तेज हो गया है। परीक्षा परिणाम विलंब होने से छात्रों के भविष्य पर खतरा मंडराता नजर दिख रहा है। बता दें कि कला संकाय, विज्ञान संकाय व वाणिज्य संकाय के एक भी भाग का अभी तक परीक्षा परिणाम जारी नहीं किया जा सका है। जबकि इस विषय पर पूछने पर विश्वविद्यालय प्रशासन नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर पल्ला झाड़ रहा है। सूत्रों की मानें तो मूल्यांकन अंक पोस्ट करने वाली नई एजेंसी। कई समस्याओं से जूझ रही है। जिसका कारण यह रहा कि कॉपियां को कोडिंग डिकोडिंग करने में मुश्किल उत्पन्न हो रही है। नए एजेंसी के नियम से एक छात्रों के रोल नंबर दूसरे छात्रों पर चले जा रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया की नई एजेंसी होने के चलते उन्हें सिस्टम समझने में दिक्कत आ रही है।
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नई शिक्षा नीति लागू होने के कारण सिस्टम को समझने में दिक्कत हो रही है ।साथ ही थोड़ा अधिक समय भी लग रहा है। प्रैक्टिकल सैशनल और मिड टर्म इन दोनों के प्राप्तांक है जो पोस्ट करने में अधिक समय लग रहा है। साथ ही कई ऐसे कॉलेज हैं जो उसे सेशनल और प्रैक्टिकल का अंक अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन को उपलब्ध नहीं करा पाए हैं। संभवत आज पीजी के कुछ कक्षाओं का रिजल्ट जारी होगा।
परीक्षा नियंत्रक
बी एन सिंह
पूर्वांचल विश्वविद्यालय

