आते-जाते शोहदे छेड़ें तो 1090 पर फोनकर बताओ समस्या प्रशिक्षण

आते-जाते शोहदे छेड़ें तो 1090 पर फोनकर बताओ समस्या
प्रशिक्षण
181 पर घरेलू हिंसा के मामलों में मिलेगा सहयोग, नाम भी रखा जाएगा गोपनीय
महिला पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पुलिस लाइन सभागार में दिया गया प्रशिक्षण
जौनपुर 11 मई 2022 (सू0वि)- महिला पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पुलिस लाइन सभागार में प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान उन्हें महिलाओं की सहायता के लिए उपयोगी नम्बरों, उनकी शिक्षा में उपयोगी योजनाएं तथा उन्हें स्वावलंबी बनाने के लिए सरकार की तरफ से किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी दी गई।
जिला प्रोबेशन अधिकारी अभय कुमार के निर्देशन में चल रहे इस कार्यक्रम में महिला शक्ति केंद्र की जिला समन्वयक प्रतिभा सिंह ने बताया कि मिशन शक्ति अभियान के तहत 1,535 स्थानों पर महिला बीट बनाई गई है। महिला बीट ग्राम पंचायतों में जाकर चौपाल के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए टोल फ्री नम्बरों के बारे में जानकारी देती है। यह महिला बीट सरकार द्वारा संचालित महिलाओं और बच्चों की योजनाएं जैसे मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, वृद्धावस्था पेंशन योजना, जननी सुरक्षा योजना के बारे में भी बताती है।
महिला शक्ति केंद्र की जिला समन्वयक बबिता ने बताया कि महिलाओं/बालिकाओं की सुरक्षा के लिए कई टोल फ्री नंबर संचालित किए जा रहे हैं जिनका उपयोग कर महिलाएं सुरक्षा पा सकती हैं। यदि कोई व्यक्ति किसी बालिका या महिला को अश्लील वीडियो भेजता हैए सड़क पर आते-जाते छेड़ता है या उसे किसी भी तरह से परेशान करता है तो वह 1090 पर फोन करके अपनी समस्या बता सकती है। उसकी यह कॉल संबंधित थाने पर फॉरवर्ड कर उस महिला की समस्या का समाधान कराया जाता है।उन्होंने बताया कि कैसे घरेलू हिंसा के मामलों में 181 महिला हेल्प लाइन नम्बर की मदद ली जा सकती है। ऐसे मामलों में उसके चाहने पर उसका नाम भी गोपनीय रखा जाता है। महिला कल्याण विभाग की ओर से करंजाकला में वन स्टॉप सेंटर बनाया गया है। यहां एक छत के नीचे महिलाओं को पांच तरह की सुविधाएं मिलती हैं। यदि कोई पीड़ित महिला वहां पहुंचती है तो वहीं पर उसकी प्रथम सूचना रिपोर्ट एफआईआर भी लिखी जाती है। उसका मेडिकल करवाया जाता है। उसे पांच दिन का रहने खाने की सुविधा दी जाती है। घरेलू हिंसा की शिकार होने पर दोनों पक्षों को बुलाकर सुलह समझौता का भी काम वन स्टॉप सेंटर में होता है।
महिला शक्ति केंद्र की टीम ने जिला महिला अस्पताल जाकर नवजात बच्चियों की माता को बेटी के नाम का एक पौधा दे कर सम्मानित किया। महिला शक्ति केंद्र की टीम ने कहा कि आप यह पौधा अपने घर पर अपनी बेटी के नाम पर लगा दीजिएगा।
उन्हें बताया कि सरकार बेटियों की शिक्षा के लिए कई योजनाएं चला रही है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बच्चियों के जन्म से लेकर 12वीं तक की शिक्षा के लिए प्रदेश सरकार हर स्तर पर उनकी मदद कर रही है। बच्ची के जन्म पर 2000 रुपये, उसके टीकाकरण के बाद 1000, पहली कक्षा में प्रवेश लेने पर 2000 रुपये, छठीं कक्षा में प्रवेश लेने पर 2000 रुपये, नवीं कक्षा में प्रवेश लेने पर 3000, 10वीं या 12वीं पास होने के बाद डिप्लोमा अथवा स्नातक में प्रवेश करने पर 5000 रुपये सरकार उसके खाते में भेजती है जिससे उसकी पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके।
कार्यक्रम में एड्स काउंसलर सीमा सिंह, सेक्सुअल ट्रांसमिटेड इनफेक्शन (एसटीआई) काउंसलर ज्योति सिंह ने भी भाग लिया।
