Jaunpur news नशीले पदार्थों की तस्करी के आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

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नशीले पदार्थों की तस्करी के आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी सौरभ की याचिका हुई रद्द

उच्च न्यायालय से भी तस्कर को मिल चुका है झटका

जौनपुर। नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल जौनपुर के एक कुख्यात आरोपी की जमानत याचिका न्यायाधीश ने खारिज कर दिया। अदालत ने इस गंभीर मामले की सुनवाई के दौरान यह भी टिप्पणी किया कि आरोपी के अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को अग्रिम राहत देना उचित नहीं होगा। जबकि उसे उच्च न्यायालय से भी ऐसे ही एक अग्रिम जमानत याचिका में झटका मिल चुका है।
अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नम्बर दो में जिले के इस बहुचर्चित मामले की सुनवाई हो रही थी। नगर
कोतवाली थाना अंतर्गत नशीले पदार्थों की तस्करी और धोखाधड़ी के आरोप में दर्ज मुकदमें में नामजद आरोपी सौरभ गुप्ता पुत्र शंकर लाल गुप्ता निवासी बालवारगंज थाना सुजानगंज जिला जौनपुर की अग्रिम जमानत याचिका को अपरसत्र न्यायाधीश दो की अदालत आखिरकार रद्द कर दिया।
जानकारी के मुताबिक कोडिंन कफ सिरप की तस्करी मामले में मुख्य आरोपी बनाए गए सौरभ गुप्ता के खिलाफ आईपीसी की
गंभीर धाराओं में 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2) बी.एन.एस. (BNS) और NDPS एक्ट की धारा 21(ग) व 27(क)/29 के तहत मामला दर्ज है।
करोड़ों के इस कोडीन कफ सिरफ तस्करी रैकेट से जुड़ा आरोपी सौरभ गुप्ता जिला औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय और एसआईटी की लंबी छानबीन के बाद ही जौनपुर पुलिस के शिकंजे में आया है। मेडिकल स्टोर का लाइसेंस लेकर लंबे समय से अपराध की गंभीरता में शामिल इस आरोपी के खिलाफ जिला औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय ने बहुत ही गंभीरता से तमाम साक्ष्य जुटाने के बाद भी सख्त कार्रवाई की है। वरना यह प्रशासन के निगाह में कभी नहीं आता।
डीआई की तमाम रिपोर्ट को ही आधार मानते हुए अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने इस अपराधी को जमानत देने से साफ मना कर दिया।

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अदालत ने किया सख्त टिप्पणी

जौनपुर। अपरसत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि कोडिंन कफ सिरप जैसे नशीले पदार्थ की तस्करी में शामिल आरोपी सौरभ गुप्ता पुत्र शंकर लाल गुप्ता निवासी ग्राम बालवरगंज थाना सुजानगंज जनपद जौनपुर के मामले की गंभीरता और नशीले पदार्थों के व्यापार को देखते हुए आरोपी को अग्रिम राहत देना उचित नहीं है। अदालत ने इस बहुचर्चित मामले की सुनवाई के दौरान खुद मामले की गंभीरता को देखते हुए यह माना कि अभियुक्त को जमानत देने से जांच में बाधा आएगी। यह भी कहा कि ऐसे गंभीर मामलों में अग्रिम जमानत देने से जांच प्रक्रिया और गवाहों के साक्ष्य प्रभावित हो सकते हैं।
पुराना इतिहास सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी की इसी तरह की एक याचिका पहले उच्च न्यायालय से भी खारिज हो चुकी थी।

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अग्रिम जमानत से जांच हो सकती है प्रभावित
जौनपुर । कोडिंन कफ सिरप की तस्करी मामले में मुख्य आरोपित बनाए गए सौरभ गुप्ता पुत्र शंकर लाल गुप्ता की सुनवाई प्रकरण की सुनवाई के दौरान अपार्ट सत्य न्यायाधीश द्वितीय की कोर्ट ने यह माना कि सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के विभिन्न फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि अग्रिम जमानत एक असाधारण शक्ति है।
जिसका प्रयोग केवल विशेष परिस्थितियों में ही किया जाना चाहिए। अपराध की प्रकृति को देखते हुए, आरोपी सौरभ गुप्ता की याचिका को निरस्त कर दिया गया। हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपी नियमित जमानत के लिए प्रार्थना पत्र देने के लिए स्वतंत्र है।

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