Jaunpur new s आईजीआरएस निस्तारण पर उठे सवाल: शिकायत एक गांव की, रिपोर्ट दूसरे गांव की अपलोड; किसान ने लगाया लापरवाही का आरोप
आईजीआरएस निस्तारण पर उठे सवाल: शिकायत एक गांव की, रिपोर्ट दूसरे गांव की अपलोड; किसान ने लगाया लापरवाही का आरोप
जौनपुर।
प्रदेश सरकार द्वारा शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण के लिए संचालित आईजीआरएस पोर्टल पर मड़ियाहूं तहसील में किए जा रहे निस्तारण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगे हैं। एक किसान ने आरोप लगाया है कि उसकी शिकायत के निस्तारण में गंभीर लापरवाही बरती गई और संबंधित मामले की जगह किसी दूसरे गांव की रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड कर दी गई।
रामपुर थाना क्षेत्र के रघोराम पट्टी माफी निवासी बच्चन मिश्रा के अनुसार, उनके आबादी क्षेत्र में बने मकान से संबंधित राजस्व अभिलेखों में त्रुटि होने पर उन्होंने तहसील समाधान दिवस में उपजिलाधिकारी मड़ियाहूं को शिकायत दी थी। शिकायत के निस्तारण की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था।
पीड़ित का कहना है कि 4 जून को जब उन्होंने जन सेवा केंद्र पर पहुंचकर आईजीआरएस पोर्टल से अपनी शिकायत की स्थिति जांची तो पता चला कि शिकायत का निस्तारण दिखाया जा रहा है। पोर्टल पर अपलोड रिपोर्ट देखने पर उन्हें आश्चर्य हुआ, क्योंकि उसमें उनके मामले के बजाय सपही गांव से जुड़े किसी अन्य भूमि विवाद का उल्लेख किया गया था।
किसान का आरोप है कि मामले की जानकारी संबंधित लेखपाल तक पहुंचने के बाद पोर्टल पर शिकायत की स्थिति में बदलाव कर उसे पुनः लंबित दिखाया गया। वहीं शिकायतकर्ता का कहना है कि आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की जानकारी ओटीपी सत्यापन के बाद ही देखी जा सकती है, इसलिए गलत रिपोर्ट देखने की संभावना नहीं है।
मामले को लेकर जब संबंधित लेखपाल विपिन कुमार यादव से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि शिकायत अभी लंबित है और निस्तारण नहीं किया गया है। उन्होंने शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों को भ्रामक बताया।
इस प्रकरण के सामने आने के बाद आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया और उसकी निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शिकायतों का सही और तथ्यात्मक निस्तारण नहीं होगा तो आम जनता का ऑनलाइन शिकायत प्रणाली से भरोसा कमजोर पड़ सकता है।
