Jaunpur news कोर्ट के आदेश के बाद जिलाधिकारी सख्त,तहसीलदारों का रोका वेतन

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कोर्ट के आदेश के बाद जिलाधिकारी सख्त,तहसीलदारों का रोका वेतन

सड़क दुर्घटना के 6 मामलों में तहसीलदार सदर का एवं दो मामलों में तहसीलदार बदलापुर का रोका वेतन

2 दिन पूर्व जिलाधिकारी का वेतन रोकने और आश्वासन पर आदेश वापस लेने के बाद हुई कार्रवाई
जौनपुर -हिमांशु श्रीवास्तव एडवोकेट
सड़क दुर्घटना के मामले में ट्रिब्यूनल जज मनोज कुमार अग्रवाल ने दो दिन पूर्व जिलाधिकारी का वेतन रोकने का आदेश कमिश्नर को दिया था। जिलाधिकारी के स्पष्टीकरण एवं तहसीलदार के आश्वासन के बाद 22 अप्रैल नियत तिथि तक वेतन बहाल कर दिया गया। इस आदेश के बाद जिलाधिकारी अधिकारियों के साथ मीटिंग किए एवं सड़क दुर्घटना के छह मामलों में कोर्ट द्वारा तहसीलदार का वेतन रोकने के आदेश का अनुपालन करते हुए उन्होंने तहसीलदार सदर का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया जिसकी सूचना अधिकरण न्यायालय में प्रस्तुत की गई। साथ ही दो अन्य मामलों में तहसीलदार बदलापुर का भी जिलाधिकारी द्वारा वेतन रोक दिया गया। यह सूचना भी कोर्ट में भेजी गई।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेशानुसार सड़क दुर्घटना के जिन मामलों में रिकवरी के लिए वाहन स्वामियों के खिलाफ आरसी जारी है उनमें आदेश दिया गया है कि जल्द से जल्द सभी मामलों का निस्तारण किया जाए अधिकरण में सैकड़ो मामले ऐसे हैं जिसमें 10 वर्ष से ऊपर समय से जरिए कलेक्टर आरसी जारी है और वाहन स्वामियों से वसूली प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा नहीं की जा रही है। उच्चतर न्यायालय के आदेश के बाद ट्रिब्यूनल जज ने एसडीएम व तहसीलदारों का वेतन रोका जिससे काफी संख्या में मामलों का निस्तारण हुआ और पीड़ित परिवारों को वाहन स्वामियों द्वारा क्षतिपूर्ति अदा की गई लेकिन कुछ मामलों में लापरवाही बरते जाने पर कोर्ट ने जिलाधिकारी का भी वेतन रोकने का आदेश दिया था। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी रिकवरी से संबंधित मामलों में सख्ती के साथ कार्रवाई में जुट गया है।

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