Jaunpur news राजा श्रीकृष्ण दत्त पीजी कॉलेज में वित्तीय साक्षरता कार्यशाला, निवेश और डिजिटल फ्रॉड से बचाव पर दी गई जानकारी
राजा श्रीकृष्ण दत्त पीजी कॉलेज में वित्तीय साक्षरता कार्यशाला, निवेश और डिजिटल फ्रॉड से बचाव पर दी गई जानकारी
जौनपुर।
राजा श्रीकृष्ण दत्त पीजी कॉलेज में सोमवार को विद्यार्थियों को वित्तीय मामलों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से एक दिवसीय वित्तीय साक्षरता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला अर्थशास्त्र विभाग और वाणिज्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई, जिसमें SEBI और NISM के सहयोग से विशेषज्ञों ने छात्रों को निवेश और वित्तीय प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
कार्यशाला में विशेषज्ञ वक्ता सुश्री निधि सिंह ने प्रतिभागियों को निवेश के महत्व, प्रतिभूति बाजार की कार्यप्रणाली, प्राथमिक और द्वितीयक बाजार, आईपीओ, म्यूचुअल फंड तथा शेयर बाजार में निवेश के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने वित्तीय सेवा क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के संयोजक और अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. लाल साहब यादव ने कहा कि केवल आय अर्जित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही ढंग से बचत और निवेश करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त जानकारी के अभाव में शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश कई बार नुकसान का कारण बन जाता है, इसलिए वित्तीय साक्षरता आज के समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. मनोज वत्स ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में छात्रों के लिए शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ वित्तीय समझ भी जरूरी है। ऐसी कार्यशालाएं विद्यार्थियों को भविष्य में बेहतर आर्थिक निर्णय लेने के लिए सक्षम बनाती हैं।
वाणिज्य विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शैलेश पाठक ने कहा कि बदलते आर्थिक परिवेश में निवेश के विभिन्न विकल्पों की सही जानकारी होना आवश्यक है। उन्होंने छात्रों को विवेकपूर्ण निवेश करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का डिजिटल संचालन श्री चंद्रकेतु ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रबंधक श्री सत्यराम प्रजापति की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि बढ़ते डिजिटल फ्रॉड और साइबर अपराधों के दौर में वित्तीय रूप से जागरूक होना बेहद जरूरी है।
इस अवसर पर डॉ. रजनीकांत द्विवेदी, डॉ. सुधाकर शुक्ला, डॉ. रविंद्र कुमार यादव, डॉ. नम्रता श्रीवास्तव, डॉ. संतोष त्रिपाठी सहित महाविद्यालय के अनेक शिक्षक व कर्मचारी मौजूद रहे।
