Jaunpur news असहाय रोगी के लिए मसीहा बने डॉ. रोहित कुमार सरोज, अपने खर्च पर किया जटिल ऑपरेशन
“असहाय रोगी के लिए मसीहा बने डॉ. रोहित कुमार सरोज, अपने खर्च पर किया जटिल ऑपरेशन”
मानवता की मिसाल पेश करते हुए मेडिकल कॉलेज के आर्थो सर्जन डॉ. रोहित कुमार सरोज ने एक बेसहारा मरीज की ज़िंदगी में नया सहारा बनकर दिखाया। आर्थिक तंगी और अकेलेपन से जूझ रहे 55 वर्षीय ननकू के टूटे घुटने की हड्डी का जटिल उपचार डॉक्टर ने अपने निजी खर्च पर कराकर सामाजिक दायित्व का अद्भुत उदाहरण स्थापित किया है।
ननकू की घुटने की जोड़ की हड्डी टूटने के बाद उसका दर्द और भी गहरा हो गया था, क्योंकि इलाज का खर्च उठाने वाला कोई नहीं था। कई स्थानों पर मदद की गुहार लगाने के बाद भी उसे मायूसी ही मिली। इस बीच किसी ने उसे मेडिकल कॉलेज के आर्थो सर्जन डॉ. रोहित कुमार सरोज के बारे में बताया। उम्मीद की आखिरी किरण लेकर ननकू जब जिला अस्पताल पहुँचा, तो डॉक्टर ने उसकी हालत समझने के बाद जांच कर बताया कि उसके इलाज के लिए इलिज़ारोव एक्सटर्नल फिक्सेटर लगाना होगा, जो सामान्यतः महंगा होता है।
लेकिन ननकू की मजबूरी और स्थिति देखते हुए डॉ. रोहित कुमार सरोज ने पूरा खर्च स्वयं वहन करने का निर्णय लिया। सीएमएस डॉ. के.के. राय और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. नरेन्द्र के सहयोग से बिना किसी चीरे के यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न की गई।
आज ननकू न सिर्फ पूरी तरह स्वस्थ है बल्कि बिना किसी सहारे के सामान्य रूप से चल-फिर भी रहा है। डॉ. रोहित कुमार सरोज की इस मानवीय पहल की हर ओर सराहना हो रही है और लोग उन्हें एक सच्चा ‘फरिश्ता’ व ‘डॉक्टर से बढ़कर इंसान’ बता रहे हैं।
