Jaunpur news मनुष्य शरीर ईश्वर की सबसे बड़ी देन, साधना से ही मिलता है परमात्मा का साक्षात्कार : पंकज महाराज
मनुष्य शरीर ईश्वर की सबसे बड़ी देन, साधना से ही मिलता है परमात्मा का साक्षात्कार : पंकज महाराज
जौनपुर। बदलापुर तहसील के ग्राम सभा गौरा स्थित जयगुरुदेव आश्रम में सोमवार को आयोजित प्रवचन कार्यक्रम में संत पंकज महाराज ने कहा कि “मनुष्य शरीर ईश्वर की सबसे दुर्लभ देन है, जिसे देवता भी पाने की इच्छा करते हैं।” उन्होंने कहा कि जीव अपने कर्मों के अनुसार 84 लाख योनियों में भटकता है और अंत में मनुष्य जन्म प्राप्त करता है, जो आत्मा की मुक्ति का सर्वोत्तम साधन है।
“मनुष्य तन सबसे बड़ा वरदान”
महाराज ने कहा कि भगवान राम ने भी कहा था — “बड़े भाग्यवान हैं वे जिन्हें मनुष्य तन मिला।” ईसा मसीह ने इस शरीर को ‘जीवित ईश्वर का मंदिर’ कहा है और कबीर साहब ने बताया कि “हर हृदय में परमात्मा विद्यमान है, बस पहचानने की आवश्यकता है।”
तीन मार्ग बताए — सुमिरन, ध्यान और भजन
पंकज महाराज ने कहा कि संतों ने परमात्मा को पाने के तीन साधन बताए हैं — सुमिरन, ध्यान और भजन।
- सुमिरन: गुरु नाम का सतत स्मरण।
- ध्यान: दोनों भौंहों के मध्य दृष्टि को एकाग्र कर गुरु के स्वरूप का चिंतन।
- भजन: भीतर गूंज रही दिव्य ध्वनि को सुनना।
उन्होंने बताया कि “कबीर साहब, गुरु नानक, रैदास, मीराबाई और सूरदास— सभी ने ‘सुरति-शब्द नाम योग’ के द्वारा ही ईश्वर का साक्षात्कार किया।”
“जय गुरुदेव नाम इस युग का मोक्षदायी मंत्र”
पंकज महाराज ने कहा कि हर युग में महात्मा किसी एक दिव्य नाम को जगाते हैं —
कबीर ने “साहब नाम”, गुरु नानक ने “वाहेगुरु”, तुलसीदास ने “राम नाम”, मीराबाई ने “गिरधर” और सूरदास ने “श्याम नाम” को सिद्ध किया।
उसी परंपरा में जयगुरुदेव महाराज ने “जय गुरुदेव नाम” को जगाया, जो इस युग में आत्मा को परमात्मा से जोड़ने वाला मोक्षदायी नाम है।
“गुरु के बिना ज्ञान अधूरा है”
महाराज ने कहा कि माता-पिता पहले गुरु, शिक्षक दूसरे गुरु और आध्यात्मिक मार्गदर्शक तीसरे गुरु होते हैं, जो आत्मा को परमात्मा से मिलाते हैं। उन्होंने कहा —
“गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु, गुरु देवो महेश्वर — गुरु के बिना कोई भी ज्ञान पूर्ण नहीं होता।”
प्रवचन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। पूरे वातावरण में “जय गुरुदेव” के जयघोष गूंजते रहे।
इस अवसर पर रामासरे प्रजापति, राममिलन वर्मा, सुरेन्द्र प्रजापति, नीलेश सिंह, राहुल सरोज और आनंद सिंह सहित अनेक भक्त उपस्थित रहे।
