Jaunpur news विश्व हृदय दिवस जीवनशैली सुधार से ही बचाया जा सकता है दिल
विश्व हृदय दिवस : जीवनशैली सुधार से ही बचाया जा सकता है दिल
जौनपुर। विश्व हृदय दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि भारत तेजी से हृदय रोगियों का गढ़ बनता जा रहा है। यदि समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो आने वाले वर्षों में देश को गंभीर स्वास्थ्य संकट का सामना करना पड़ेगा।
विशेषज्ञों ने बताया कि मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और धूम्रपान जैसे कारक दिल की बीमारियों के मुख्य कारण बन चुके हैं। हर नौवां भारतीय उच्च रक्तचाप, हर सातवां मधुमेह और हर चौथा व्यक्ति धूम्रपान अथवा असंयमित जीवनशैली का शिकार है। चिंताजनक यह है कि हृदय रोग अब केवल बुजुर्गों या शहरों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि महिलाओं, युवाओं और ग्रामीण आबादी में भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि हार्ट अटैक से होने वाली मृत्यु दर लगभग 40 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है, जबकि आधुनिक इलाज—जैसे एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, बाईपास और पेसमेकर—आम आदमी की पहुँच से बाहर हैं।
विशेषज्ञों ने अपील की कि लोग संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, नशामुक्त जीवनशैली, वजन नियंत्रण और मधुमेह-रक्तचाप पर नियंत्रण को जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि विश्व हृदय दिवस केवल जागरूकता का दिन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन की दिशा में संकल्प लेने का अवसर है।

