January 26, 2026

एनक्वास टीम ने 12 मानकों पर परखी जिला महिला अस्पताल की गुणवत्ता

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एनक्वास टीम ने 12 मानकों पर परखी जिला महिला अस्पताल की गुणवत्ता
जौनपुर, 28 फरवरी 2022 – नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस सर्टीफिकेट (एनक्वास) की राज्य स्तरीय टीम ने जिला महिला अस्पताल का एनक्वास के मानकों के आधार पर तीन दिवसीय परीक्षण किया। इस टीम के बाद केंद्रीय टीम भी जांच करेगी, जिसमें अच्छा प्रदर्शन करने पर एनक्वास के सर्टिफिकेट से पुरस्कृत होगी।
   जिला महिला अस्पताल के गुणवत्ता प्रबंधक डॉ आशीष यादव ने बताया कि निरीक्षण करने आई राज्य स्तरीय टीम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के क्वालिटी एश्योरेंस विभाग से राज्य सलाहकार डॉ कमल मिश्रा तथा अयोध्या मंडल के मंडलीय सलाहकार डॉ अमित शुक्ला शामिल थे। उन्होंने 24, 25 और 26 फरवरी को जिला महिला अस्पताल के सभी 12 विभागों की तरफ से मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की जांच की। उन्होंने आपातकालीन सेवा, प्रसव कक्ष, वाह्यरोगी विभाग (ओपीडी), अंत: रोगी विभाग (आईपीडी), रेडियोलॉजी, फार्मेसी, आपरेशन थियेटर (ओटी), लैब, आक्जीलरी सर्विसेज, सामान्य प्रशासन, सिक न्यूबार्न चाइल्ड केयर यूनिट (एसएनसीयू), पोस्टपार्टम सेंटर (परिवार कल्याण विभाग), राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम, जनरल एडमिनिस्ट्रेशन के आधार पर अस्पताल का मूल्यांकन किया। यह मूल्यांकन मरीजों को मिलने वाली सेवा तथा उसकी उपलब्धता, क्या-क्या साधन हैं और क्या-क्या और होने चाहिए, इनफेक्शन कंट्रोल, क्वालिटी मैनेजमेंट, अस्पताल की साफ-सफाई, भोजन, लांड्री (मरीजों के कपड़ों की साफ-सफाई) के आधार पर किया जाता है।
डॉ आशीष ने बताया कि मूल्यांकन के दौरान टीम ने दस्तावेजों को खंगाला, स्टाफ के लोगों तथा मरीजों से बात की और स्वयं देखकर मानकों के आधार पर परखने की कोशिश की। हर विभाग को जांच/परख के आधार पर 600 से 700 अंकों के बीच अंक दिए जाने हैं। एनक्वास के साथ ही लक्ष्य योजना के लिए भी प्रसव कक्ष व ओटी की जांच तथा मुस्कान योजना के लिए एसएनसीयू में नवजातों की सुविधा के बनाए गए मानकों की भी परख की गई। जांच के दौरान समस्त स्टाफ ड्रेस कोड और नियत स्थान पर उपस्थित मिले। टीम ने सभी विभागों से मिलने वाली सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया।
डॉ आशीष ने बताया कि बीते दो वर्षों से जिला महिला अस्पताल गुणवत्ता के मामले में बेहतर उपस्थिति दर्ज करा रहा है। इस क्रम में वर्ष 2019-20 तथा 2020-21 में कायाकल्प अवार्ड के तहत तीन-तीन लाख रुपये से पुरस्कृत हो चुका है। 

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