Jaunpur news टेट की अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का मशाल जुलूस, पुराने शिक्षकों को छूट देने की उठी मांग

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टेट की अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का मशाल जुलूस, पुराने शिक्षकों को छूट देने की उठी मांग
जौनपुर। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) की अनिवार्यता के विरोध में यूनाइटेड टीचर एसोसिएशन (यूटा) के बैनर तले गुरुवार को शिक्षकों ने शहर में मशाल जुलूस निकालकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया। संगठन के जिला अध्यक्ष संजय सिंह के नेतृत्व में निकाले गए इस जुलूस में सैकड़ों शिक्षकों ने भाग लिया और लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों को टेट की अनिवार्यता से मुक्त किए जाने की मांग उठाई।
मशाल जुलूस रोडवेज तिराहे से शुरू होकर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित शहीद स्तंभ तक पहुंचा, जहां शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। इसके बाद शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) से पुराने शिक्षकों को मुक्त किए जाने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया।
जिला अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि अनुभव का कोई विकल्प नहीं होता। वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर टेट की अनिवार्यता थोपना उनकी योग्यता पर सवाल खड़ा करना है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी शिक्षा व्यवस्था को संभालने वाले शिक्षकों की क्षमता को केवल एक परीक्षा के आधार पर आंकना उचित नहीं है।
जिला मंत्री लक्ष्मी नारायण तिवारी ने कहा कि नियुक्ति के समय जो योग्यताएं निर्धारित थीं, सेवा के दौरान बाद में नए नियम लागू करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। वहीं जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष चंद्रेश यादव ने कहा कि 10 से 15 वर्षों तक बेसिक शिक्षा को मजबूत करने वाले शिक्षकों को इस तरह मानसिक दबाव में डालना ठीक नहीं है।
जिला कोषाध्यक्ष डॉ. आशीष सिंह ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षकों को सहयोग और सकारात्मक माहौल की जरूरत है, न कि अतिरिक्त तनाव की। उन्होंने सरकार से मांग की कि पुराने शिक्षकों को टेट की अनिवार्यता से तत्काल मुक्त किया जाए।
कार्यक्रम का संचालन जिला संयुक्त मंत्री डॉ. प्रदीप सिंह ने किया। मशाल जुलूस में विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों और शिक्षक नेताओं की भी भागीदारी रही। इनमें आनंद सिंह (अध्यक्ष मछलीशहर), प्रमोद शुक्ला (अध्यक्ष शाहगंज), अजय मिश्रा (अध्यक्ष मड़ियाहूं), विनोद सिंह (अध्यक्ष रामनगर), श्रीकृष्ण पांडे (अध्यक्ष करंजाकला), प्रदीप सिंह (अध्यक्ष केराकत), जितेंद्र मिश्रा (अध्यक्ष रामपुर), संतलाल (अध्यक्ष बरसठी), राजेश यादव (अध्यक्ष खुटहन), सरोज सिंह (अध्यक्ष सुईथाकला) सहित कई शिक्षक मौजूद रहे। इसके अलावा राय साहब सिंह, प्रभाकर उपाध्याय, डॉ. विपिन मिश्रा, जनार्दन सिंह, विजय बहादुर यादव, यशवंत सिंह, राजकुमार सिंह, प्रवेश पटेल, चंचल पाठक, अमिता उपाध्याय, अमित तिवारी समेत बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल

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