Jaunpur news पहितियापुर में स्कूल बंद होने से बच्चों की आंखों में आंसू, ग्रामीणों ने खुद चलाई क्लास
पहितियापुर में स्कूल बंद होने से बच्चों की आंखों में आंसू, ग्रामीणों ने खुद चलाई क्लास
बदलापुर (जौनपुर)।
Jaunpur news पूर्व माध्यमिक विद्यालय पहितियापुर को बंद किए जाने के खिलाफ गांव में छठवें दिन भी आंदोलन जारी रहा। सोमवार को ग्रामीणों ने स्कूल परिसर को रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजाया और बच्चों का स्वागत कर प्रतीकात्मक रूप से नया शिक्षण सत्र प्रारंभ किया। प्रार्थना सभा में बच्चों ने ईश्वर से नहीं, बल्कि सरकार से स्कूल न बंद करने की प्रार्थना की।

स्कूल बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले जुटे ग्रामीणों ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का 5000 सरकारी स्कूलों को मर्ज व बंद करने का निर्णय गरीब, पिछड़े और ग्रामीण बच्चों के भविष्य के साथ बड़ा अन्याय है। उन्होंने कहा कि कम छात्रसंख्या का हवाला देकर स्कूल बंद किए जा रहे हैं, लेकिन शिक्षकों की भारी कमी पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय बंद होने से बच्चों को करीब 3 किलोमीटर दूर सिंगरामऊ जाना होगा, जहां तक पहुंचने का रास्ता दुर्गम और असुरक्षित है। एक ओर पीली नदी और जंगल है, तो दूसरी ओर रेल लाइन व हाईवे का ट्रैफिक। छोटे बच्चों के लिए यह बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए गांव के पढ़े-लिखे युवाओं ने स्वयं स्कूल में क्लास चलाने की जिम्मेदारी उठाई है। वक्ताओं ने सरकार पर सरकारी शिक्षा व्यवस्था को जानबूझकर कमजोर करने और निजीकरण को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
संघर्ष समिति ने सरकार से मांग की कि पहितियापुर विद्यालय को बंद कर अन्यत्र मर्ज न किया जाए और विद्यालय का संचालन पूर्व की भांति सुचारु रूप से जारी रखा जाए।
ग्रामीणों ने यह भी याद दिलाया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 45 और 21A के तहत 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को घर के पास मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन इन संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन किया जा रहा है।
इस मौके पर शिशिर कुमार दूबे, अशोक कुमार खरवार, मनीष मिश्र, संजय यादव, संदीप यादव, दिलीप कुमार, रामसिंगार दूबे, संतोष प्रजापति, राहुल गुप्त, रवीश यादव, विनय दूबे, सिद्धार्थ कुमार समेत बड़ी संख्या में अभिभावक व ग्रामीण मौजूद रहे।
