Jaunpur news शिक्षकों के हक के खातिर होंगे बड़े आंदोलन, धर्मेंद्र

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इन्द्रजीत सिंह मौर्य की रिपोर्ट

शिक्षकों के हक के खातिर होंगे बड़े आंदोलन, धर्मेंद्र

शिक्षक नेता ने शहर के सभी मूल्यांकन केंद्रों पर किया दौरा

जौनपुर। उ प्र माध्यमिक शिक्षक संघ (नवीन) ने के प्रांतीय अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने शहर के विभिन्न मूल्यांकन केंद्रों पर शिक्षकों से मुलाकात करने के दौरान परीक्षकों ने माध्यमिक शिक्षा परिषद पर अनावश्यक परेशान करने का आरोप लगाया। हुए कठोर नाराजगी जताई। प्रांतीय अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने बताया कि 12 मार्च को यूपी बोर्ड की परीक्षा समाप्त होने के बाद सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश प्रयागराज द्वारा 18 मार्च से एक अप्रैल तक हाई स्कूल एवं इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने के लिए जौनपुर सहित पूरे प्रदेश में कुल 249 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। इन मूल्यांकन केंद्रों के हजारों शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य से बाहर रखा गया है अर्थात इनको परीक्षक और अंकेक्षक कुछ भी नहीं बनाया गया है। जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है और इन शिक्षकों के साथ अन्याय भी है। किसी एक मूल्यांकन केंद्र की शिकायत पर या कोई अन्य कारण से पूरे प्रदेश के मूल्यांकन केंद्रों के शिक्षकों को परीक्षक बनाने से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
भविष्य में इस प्रकार के निर्णयों पर पुनर्विचार करते हुए मूल्यांकन केंद्रों के शिक्षकों को भी परीक्षक बनाया जाय।
इसलिए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (नवीन) के प्रांतीय अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने कहा कि सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश प्रयागराज से उक्त दोनों समस्याओं के समाधान पर सहानुभूति विचार करते हुए उन हजारों शिक्षकों को परीक्षक बनाने और मूल्यांकन के दो दिन पूर्व की उपस्थिति को मूल्यांकन संबंधी ड्यूटी मानकर उचित पारिश्रमिक दिया जाए।
संगठन एक सप्ताह के अन्दर ही आदरणीय सचिव महोदय के आदेश निर्देश के इंतजार करने के बाद ही कोई निर्णय लेगा। साथ में जनपद के पदाधिकारी गण उपस्थित रहे।

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तानाशाही रवैया पर जताया आक्रोश
जौनपुर। प्रांतीय अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने माध्यमिक शिक्षा परिषद के इस निर्णय पर भी नाराजगी जताई ।
कहा कि मूल्यांकन 18 मार्च को शुरू हो रहा है तो फिर दो दिन पूर्व 16 और 17 मार्च को परीक्षकों (हजारों शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं) को केवल हस्ताक्षर करने हेतु 50-60 किलोमीटर दूर मूल्यांकन केंद्रों पर उपस्थिति के लिए बुलाना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। इससे एक तो इस भीषण गर्मी में अधिक दूरी की परेशानी और दूसरे आर्थिक रूप से हानि होती है।

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