हत्या के चार आरोपियों को 45 वर्ष बाद मिला न्याय,अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य के अभाव में हाईकोर्ट ने 5 हजार जुर्माना लेकर किया दोषमुक्त
हत्या के चार आरोपियों को 45 वर्ष बाद मिला न्याय,पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में हाईकोर्ट ने 5हजार जुर्माना लेकर किया दोषमुक्त
निचली अदालत ने 9 लोगो को सुनाया था आजीवन कारावास,5 की हो चुकी है मौत,मामला सिकरारा थाना के ताहिरपुर गांव का,
-जौनपुर सिकरारा क्षेत्र के ताहिरा पुर गांव में 1979 में गन्ना के खेत मे पशु चले जाने के हत्या के चार आरोपियों को हाईकोर्ट से 45 वर्ष बाद न्याय मिला है,पर्याय साक्ष्य के अभाव में हाईकोर्ट ने पांच हजार जुर्माना लेकर दोषमुक्त करार दिया,उक्त मामले में निचली अदालत ने 9 लोगो को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी जिसमे 5 लोगो की मौत हो चुकी है,चार जीवित है लोगो के चेहरे पर खुशी देखने लायक थी।
VO1-मामला सिकरारा थाना क्षेत्र के ताहिरपुर गांव का है,जहां 5 जुलाई वर्ष 1979 की शाम उक्त गांव के बलिराम यादव उर्फ हसनू की लाठी डंडे से पीटकर हत्या कर दी गई थी।उक्त गांव की चौहान बस्ती के बहादुर चौहान व उनकी पत्नी से गन्ने की फसल चराने को लेकर विवाद मारपीट में तब्दील हो गई थी जिसमे बलिराम की मौत हो गई थी,इस मामले में पीड़ित पक्ष ने उक्त गांव की चौहान बस्ती के बहादुर चौहान,रामकिशुन,रामचंदर, राजेन्द्र,फौजदार,सूबेदार,महेंद्र चौहान,सुरेंद्र,व तेरसनाथ चौहान कुल नौ लोगो के विरुद्ध हत्या का मुकदमा चला, उस समय तेरसनाथ नाबालिग थे,सभी को जेल भी जाना पड़ा था।,उक्त मामले में के सभी आरोपियों को वर्ष 1983 में निचली अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई।इसके बाद सभी आरोपित माननीय उच्चन्यायालय में गुहार लगाये,मुकदमें की सुनवाई के बीच नौ आरोपितों में से अब तक सूबेदार,सुरेंद्र,रामकिशुन,राजेन्द्र व बहादुर चौहान की मौत हो चुकी है,जीवित बचे आरोपियो में रामचंदर,महेंद्र ,फौजदार और तेरसनाथ चौहान है।बीते 15 मई को इस मामले में पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में हाईकोर्ट रामचंदर82 वर्ष,,महेंद्र प्रताप 75 वर्ष, व फौजदार 85 वर्ष से पांच -पांच हजार जुर्माना लेकर व तेरसनाथ 56 वर्ष को बगैर जुर्माने के दोषमुक्त करार दिया।हाईकोर्ट के फैसले से 45 वर्षों से मुकदमे का दंश झेल रहे चारो के चेहरे की खुशी आज देखने लायक थी,सभी ने कहा देर ही सही माननीय उच्चन्यायालय से न्याय मिलने के निर्णय की सराहना की।
-इस मामले में तेरस ने कहा कि घटना के दौरान मैं नाबालिक था लेकिन न्यायालय ने जो फैसला सुनाया है उसे हम लोग काफी खुश हैं और न्यायालय को धन्यवाद देते हैं। घटना को लेकर बराबर नोटिस आ रही थी लेकिन उसकी जानकारी हम लोगों को नहीं थी हालांकि इस मामले में चार-पांच लोगों की पहले ही मौत हो चुकी है। न्यायालय द्वारा हम लोग काफी खुश हैं.
VO3-इस मामले में महेंद्र चौहान बताया कि जिस मामले में कोर्ट ने मुझे बरी किया है मुझे झूठे आरोप में फसाया गया था आज मुझे 45 साल बाद न्याय मिला है कोर्ट को धन्यवाद देता हूं दे ही सही लिया लेकिन न्याय मिल ही गया जिस पर जलवा आस-पास में खुशी का माहौल था।
