गैंगेस्टर जितेन्द्र यादव के प्रति पुलिस कभी नरम तो कभी गरम

जितेन्द्र के भाई बाला लखंदर ने भी की अवैध संपत्ति अर्जित
जौनपुर।उ.प्र. गिरोहबंद समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के अन्र्तगत कारागार में निरूद्ध भू माफिया जितेन्द्र यादव एवं उसके करीबी लोगों की मुश्किले बढ़ रही हैं। उल्लेखनीय है कि जितेन्द्र यादव एवं उनके बड़े भाई स्व. बाला लखंदर यादव ने अपराधिक गतिविधियों से अरबों रूपये की संपत्ति अर्जित की है। बाला लखंदर व जितेन्द्र यादव की आपराधिक गतिविधियों से अर्जित संपत्ति को जब्त कराने हेतु प्रशासन से बार बार मांग की जाती रही परंतु भ्रष्ट अधिकारीगण उसे बचाते रहे। इधर पिछले महीने जितेन्द्र यादव के विरूद्ध गैंगेस्टर का मुकदमा पंजीकृत किया गया। मुकदमें में उसके गैंग के कई लोगों के नाम दर्ज नहीं है, परंतु ऐसे लोगों को पुलिस पकड़ती है और उनसे धन उगाही कर उन्हे छोड़ देने में जुटी है। पुलिस वालों का कहना है कि जितेन्द्र के बड़े भाई बाला लखंदर यादव दिवंगत हो चुके हैं ऐसे में उनकी पत्नी एवं बच्चों के नाम जो संपत्ति है उसे वैध माना जायेगा। पुलिस का यह तर्क लोगों के गले के नीचे नहीं उतर रहा है। अब जितेन्द्र के प्रति भी पुलिस का रवैया नरम दिखायी दे रहा है क्योंकि गत 4 फरवरी को पुलिस को चकमा देकर जितेन्द्र ने गैंगेस्टर न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस उसे गिरफ्तार करने में असफल रही।
