February 23, 2026

जिला महिला अस्पताल में सबसे ज्यादा महिला नसबंदीबरसठी पुरुष नसबंदी में आगे

Share

जिला महिला अस्पताल में सबसे ज्यादा महिला नसबंदी
बरसठी पुरुष नसबंदी में आगे
जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा में 203 महिलाओं तथा 13 पुरुषों ने कराई नसबंदी
जौनपुर, 19 अगस्त 2022 । जनपद में 11 जुलाई से 31 जुलाई तक चले जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा के दौरान परिवार नियोजन सेवाओं में हर ब्लाक ने बेहतर प्रदर्शन किया।
पखवाड़े में सबसे ज्यादा 29 महिला नसबंदी जिला महिला अस्पताल के माध्यम से हुई जबकि सिरकोनी ब्लाक ने 17 और जलालपुर ने 14 महिला नसबंदी कराई। सर्वाधिक सात पुरुष नसबंदी बरसठी ब्लाक में हुईं जबकि मुफ्तीगंज में दो तथा धरमपुर, सिकरारा और मछलीशहर में एक-एक पुरुष नसबंदी हुई।
इंट्रा यूट्राइन कांट्रासेप्टिक डिवाइस (आईयूसीडी) अपनाने में सबसे आगे मुंगराबादशाहपुर ब्लाक रहा। यहां की 108 महिलाओं ने आईयूसीडी अपनाया जबकि रामनगर की 66 और सुजानगंज में 56 महिलाओं ने आईयूसीडी को अपनाया। जिला महिला अस्पताल क्षेत्र की लाभार्थियों ने सबसे ज्यादा पोस्टपार्टम इंट्रा यूट्राइन कांट्रासेप्टिक डिवाइस (पीपीआईयूसीडी) को अपनाया। इसमें 108 महिलाओं ने पीपीआईयूसीडी अपनाया जबकि बदलापुर क्षेत्र की 72 और बख्शा क्षेत्र की 69 महिलाओं ने पीपीआईयूसीडी को अपनाया। त्रैमासिक गर्भनिरोधक इंजेक्शन अंतरा अपनाने में सबसे आगे डोभी की महिलाएं रहीं। यहां की 96 महिलाओं ने अंतरा लगवाया जबकि सुजानगंज और मड़ियाहूं में 75-75 और केराकत में 72 महिलाओं ने अंतरा इंजेक्शन लगवाया। जिला महिला अस्पताल में सबसे ज्यादा 512 लाभार्थियों ने गर्भनिरोधक गोली छाया को अपनाया जबकि धरमपुर की 411 और सिकरारा की 216 लाभार्थियों ने छाया का लाभ लिया।
समुदाय को संवेदीकृत करने के लिए विभिन्न स्तरों पर किए गए प्रचार-प्रसार का बड़े पैमाने पर असर दिखा। इसके चलते 11 जुलाई से 31 जुलाई तक जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा के दौरान 203 महिला तथा 13 पुरुष नसबंदी की सेवाएं प्रदान की गईं। 731 महिलाओं ने आईयूसीडी तथा 841 ने पीपीआईयूसीडी को अपनाया। 1,203 महिलाओं ने त्रैमासिक गर्भनिरोधक अंतरा इंजेक्शन लगवाया। इसके साथ ही 64,424 कंडोम, 6,713 गर्भनिरोधक गोली (माला-एन), 4,455 साप्ताहिक गर्भनिरोधक गोली छाया तथा 2,219 इमरजेंसी कांट्रासेप्टिक पिल्स (ईसीपी) की सेवाएँ दी गईं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ लक्ष्मी ने बताया कि इस बार पखवाड़े की थीम-‘परिवार नियोजन का अपनाओ उपाय-लिखो तरक्की का नया अध्याय’ थी जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को सीमित परिवार के बारे में जागरूक करने के साथ-साथ परिवार नियोजन कार्यक्रम को गति देना था। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) से लेकर आशा कार्यकर्ता तक किसी भी स्थिति में साधनों की कमी नहीं होने दी।
परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी तथा एसीएमओ डॉ राजीव कुमार ने बताया कि जिला पुरुष एवं महिला चिकित्सालय में प्रत्येक कार्य दिवस पर महिला/पुरुष नसबंदी की सेवाएं मिलतीं हैं। विश्व जनसंख्या पखवाड़ा के दौरान सभी गतिविधियां कोविड-19 के सभी प्रोटोकॉल जैसे सोशल डिस्टैंसिंग, मास्क पहनकर और सेनेटाइजर का उपयोग करते हुए की गईं।

About Author