February 23, 2026

स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता से बची दूषित भोजन करने वालों की जान

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सक्रियता
-तत्काल मौके पर पहुंची टीम, गंभीर तीन का जिला अस्पताल में, एक का घर पर ही कराया इलाज
-सभी हुए स्वस्थ, प्रभावित परिवार ने मदद के लिए स्वास्थ्य विभाग को दिया धन्यवाद
जौनपुर, 18 अगस्त 2022
दूषित मांस खाने से एक ही परिवार के बीमार सभी चारों लोग फिलहाल स्वस्थ हैं और अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिए गए हैं। प्रभावित परिवार ने तत्काल मदद के लिए स्वास्थ्य विभाग को धन्यवाद दिया है।
मामला करंजाकला ब्लाक के जंगीपुर कला गांव का है। 12 अगस्त की सुबह आठ से 10 बजे के बीच एक ही परिवार के चार लोगों को उल्टी, पेट में ऐंठन और दस्त के साथ दर्द की दिक्कत थी। मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डा. लक्ष्मी सिंह ने बताया कि वहां के प्रधान बृजनाथ यादव ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) करंजाकला के प्रभारी चिकित्साधिकारी (एमओआईसी) डा. विवेक कुमार को इसकी सूचना दी। एमओआईसी ने इसके संबंध में जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डा. जियाउल हक से बात कर गांव में ब्लॉक रैपिड रिस्पांस टीम (बीआरटी) भेज दी। इसमें डॉ खालिद, फार्मासिस्ट अरविंद यादव, पर्यवेक्षक रमेश चंद्र, वार्ड बॉय शिवम और एएनएम शकुंतला पाठक थे। टीम ने गांव में चिकित्सा शिविर लगाया। इसके साथ ही एसीएमओ डा राजीव कुमार के साथ महामारी विशेषज्ञ डा जिया उल हक भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने प्रभावित परिवार के सभी लोगों से खान-पान के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित बच्चों की दादी किताबुन तथा पिता विलास मोहम्मद से बीती रात के खाने के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि उन्होंने मुर्गे की आंतें और उनके पंखों को खरीदा था। उन्होंने आंतों तथा पंख से जुड़े मांस को निकाल कर पकाकर खाया था। रात का खाना परिवार के सभी लोगों ने एक जैसा ही खाया था। खाने से पहले लोगों को कोई अन्य दिक्कत नहीं थी। आसपास के रहने वाले भी सभी ठीक हैं। उन्हें ऐसी कोई दिक्कत नहीं है। मात्र चार लोगों को ही उल्टी, पेट में ऐंठन और दस्त के साथ दर्द की दिक्कत थी। बेहतर इलाज के लिए इनमें आरती (11 वर्ष), अरबाज (8 वर्ष), नेन्हू (6 वर्ष) को जिला अस्पताल रेफर कर वहां भर्ती कराया गया। काजल (09 वर्ष) की हालत पहले से ही स्थिर थी। इसलिए उसे घर पर कुछ दवा उपलब्ध देकर उपचार किया गया।
महामारी रोग विशेषज्ञ डा जियाउलहक ने बताया कि टीम ने गांव में इसके अलावा कई अन्य मरीजों को भी जरूरत के अनुसार जरूरी दवाएं दीं। कुछ लोगों को ओआरएस घोल का पैकेट तथा क्लोरीन की टैबलेट दी तथा ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया। उन्हें व्यक्तिगत स्वच्छता के बारे में जानकारी देकर उसके फायदे बताए। स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता को मेडिकल किट के साथ लोगों की हर दिन देखभाल करने का निर्देश दिया। संबंधित रोगियों की लाइनलिस्ट बनाने के लिए आशा कार्यकर्ता को सर्वे करने का निर्देश दिया। स्वस्थ होने के बाद 14 अगस्त को दोपहर 3:00 बजे जिला अस्पताल में भर्ती सभी मरीज को छुट्टी दे दी गई। अब सभी मरीज ठीक हैं। वे गांव में अपने घर पर दवा ले रहे हैं। जंगीपुर कला गांव के विलास मोहम्मद ने बताया कि सभी बच्चे उनके परिवार के ही हैं। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से सभी ठीक हो चुके हैं और स्वस्थ हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को धन्यवाद दिया है।

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