February 23, 2026

जिले के करीब दो लाख परिवारों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा

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आयुष्मान भारत योजना

  • अब तक साढ़े चार से अधिक लाभार्थियों के बन चुके आयुष्मान कार्ड
  • जनपद में 18,282 लोगों ने योजना में कराया इलाज, उनके इलाज में खर्च हो चुके हैं 20.63 करोड़ रुपए
    जौनपुर, 17 अगस्त 2022 । जनपद में पांच जुलाई से 20 जुलाई तक चले आयुष्मान पखवाड़ा के दौरान 76,910 लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए। इसके साथ ही जिले में अब तक 4,57,268 लोगों के कार्ड बन चुके हैं और 1,95,108 परिवारों को आयुष्मान भारत योजना में जोड़ा जा चुका है। पखवाड़ा के दौरान सबसे ज्यादा आयुष्मान कार्ड बनाने के मामले में जनपद चौथे स्थान पर है। कुशीनगर पहले स्थान पर है। यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. लक्ष्मी सिंह का।
    डॉ. लक्ष्मी ने बताया कि जिले में 18,282 लोग ने आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज करा चुके हैं। उनके इलाज पर 20.63 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। आयुष्मान टीम जिले में 1,42,205 लक्षित परिवारों के 7,11,025 लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनाने का प्रयास कर रही है।
    जनपद में अंत्योदय राशन कार्ड के कुल 1,25,472 लाभार्थी परिवार हैं। इसमें 4,14,516 लाभार्थी हैं। अब सभी अंत्योदय राशन कार्ड धारक अपने परिवार के सभी सदस्यों के आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं। आयुष्मान कार्ड धारक योजना के तहत पाँच लाख रुपए तक का निःशुल्क इलाज पूरे देश में सूचिबद्ध किसी भी अस्पताल में करवा सकता है। जनपद में अभी तक 4,57,268 लोगों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं।
    नोडल एसीएमओ डॉ राजीव कुमार कहते हैं कि आयुष्मान कार्ड होने पर लाभार्थी देश के किसी भी बड़े चिकित्सालय जैसे आल इंडिया इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस (एम्स), बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू), टाटा मेमोरियल, पीजीआई में भी इलाज करा सकता है। योजना के तहत इलाज के लिए जनपद में सरकारी अस्पताल से लेकर प्राइवेट अस्पतालों में विशेष विशेषज्ञता वाले डॉक्टरों के माध्यम से इलाज की सुविधा है।
    उन्होंने जनपद के लाभार्थियों से अपना आयुष्मान कार्ड बनवा लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी किसी को इलाज में दिक्कत आ रही है तो राज्य स्तर से गठित डिस्ट्रिक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट के अधिकारियों से सम्पर्क कर सकता है। जनपद की डिस्ट्रिक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट में जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ बद्री विशाल पांडे-91 94151 33125, जिला सूचना प्रणाली प्रबंधक हिमांशु शेखर सिंह-91 90441 17874, जिला शिकायत प्रबंधक अवनीश श्रीवास्तव-91 70803 69406 हैं। इन नम्बरों पर फोन कर कोई भी सहयोग ले सकता है। आयुष्मान भारत योजना में सूचीबद्ध जनपद के सरकारी/निजी अस्पतालों में इलाज के दौरान आने वाली समस्याओं का निराकरण करने में डिस्ट्रिक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट पूरा सहयोग करती है जबकि निजी अस्पतालों में नोडल अधिकारी पूरा सहयोग देते हैं।
    1670 बीमारियों का नि:शुल्क इलाज: योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक डा बद्री विशाल ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना में 1670 के लगभग बीमारियों का इलाज किया जाता है जिनमें कैंसर, हृदय रोग, हड्डी रोग, सभी प्रकार की सर्जरी, न्यूरो आदि से संबंधित बीमारियों के इलाज की सुविधा है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना तथा मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का जिन्हें पत्र मिला है। अंत्योदय कार्ड (गुलाबी राशनकार्ड) धारक, बिल्डिंग एंड अदर कंसट्रक्शन वर्कर योजना का लाभ उठा सकते हैं। वह पत्र के साथ राशनकार्ड और आधार कार्ड लेकर नजदीकी आयुष्मान मित्र या जनसेवा केंद्र के विलेज लेवल इन्टरप्रीनियर (वीएलई) से सम्पर्क कर अपना आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं।
    कहां-कहां बनेगा कार्ड: योजना के जिला सूचना प्रणाली प्रबंधक हिमांशु शेखर सिंह ने बताया कि कार्ड सभी कोटेदारों के घर पर बनाया जाएगा। पंचायत भवन में सहायक पंचायत आपरेटर बनाएंगे। कामन सर्विस सेंटर पर विलेज लेवल इंटरप्रेन्योर (वीएलई) बनाएंगे। निजी अस्पतालों के आयुष्मान मित्र भी आयुष्मान कार्ड बनाएंगे। इन सभी जगहों पर कार्ड नि:शुल्क बनेगा। अब सभी अंत्योदय राशन कार्ड धारक अपने परिवार के सभी सदस्यों के आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं।
    बोले लाभार्थी
    पकड़ी ब्लाक के मझौली गांव की लक्ष्मी (34) को सामान्य प्रसव होने में दिक्कत हो रही थी। कुछ दिन पहले वह कन्धरपुर स्थित साल्वेशन हास्पिटल में गंभीर स्थिति में भर्ती हुईं और आयुष्मान कार्ड की मदद से निःशुल्क आपरेशन से बच्चा पैदा हुआ। अस्पताल में अच्छी देखभाल हुई जिससे वह खुश हैं।
    प्रतापगढ़ की पट्टी तहसील के स्थान गांव की शुन्निशा (49) को पेट में दर्द हो रहा था। उन्हें पित्त की थैली में पथरी थी। उन्होंने पचहटिया स्थित लाइफलाइन हास्पिटल में आयुष्मान कार्ड के जरिये निःशुल्क आपरेशन से पथरी निकलवाई। आपरेशन के बाद से उन्हें काफी आराम है। उनके पति नजमुद्दीन ने कहा कि इलाज के दौरान हास्पिटल के स्टाफ का व्यवहार बहुत अच्छा रहा जिससे उन्हें बहुत सहूलियत मिली।

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