February 23, 2026

मुंह और दांतों की बीमारियों के बारे में सीएचओ को किया गया प्रशिक्षित

Share

  • चार दिवसीय प्रशिक्षण में आईएचआईपी पोर्टल तथा मुंह के साफ-सफाई के बारे में दी जानकारी
  • मुंह में सूजन, बदबू, खून आना , अल्सर, घाव का न भरना जैसे कैंसर के लक्षण के बारे में बताया
    जौनपुर, 09 अगस्त 2022 – मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में इंट्रीग्रेटेड हेल्थ इनफार्मेशन प्लेटफार्म (आईएचआईपी) तथा मुंह के स्वास्थ्य के बारे में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया | जिले के सभी चिकित्साधिकारी (एमओ), हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ), महिला स्वास्थ्य निरीक्षक (एलएचवी) को इस संबंध में गुरुवार से सोमवार तक चार दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया।
    प्रशिक्षक डॉ जियाउल हक, डॉ आनंद प्रकाश एवं डॉ सौरभ श्रीवास्तव ने हर जरूरी जानकारी प्रतिभागियों को प्रदान की | मुंह और दांत की बीमारियों की पहचान, इलाज और संदर्भन की भी जानकारी दी गई। ईपीडिमियोलाजिस्ट डा जियाउल हक ने कहा कि अब से सीएचओ को हर दिन आईएचआईपी की रिपोर्टिंग करनी होगी। इससे पहले रिपोर्टिंग उपकेंद्रों पर एएनएम करतीं थीं। राज्य स्तर से प्राप्त निर्देशानुसार सभी स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इस दौरान उन्हें आईएचआईपी पोर्टल पर फ़ार्म एस की रिपोर्टिंग करना सिखाते हुए शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने को प्रेरित किया गया। आईएचआईपी में रिपोर्ट किए जाने वाले रोगों, उससे संबंधित जांच तथा नए मरीज मिलने की स्थिति में सूचित करने को कहा गया। पोर्टल पर सांख्यिकी रिपोर्ट के साथ-साथ रोगियों का डिटेल भी अपलोड करना है।
    प्रशिक्षक तथा सीएचसी मड़ियाहूं के डा सौरभ श्रीवास्तव ने मुंह और दांत की बीमारियों के बारे में बताया। उन्होने मुंह को स्वस्थ रखने के फायदे, ओरल पार्ट्स की साफ-सफाई, सुबह-रात में ब्रश करने के फायदे, ओरल हाइजीन को बढ़ावा देने में डाक्टर की भूमिका, मुंह से संबंधित बीमारियां, उससे बचाव का तरीका, इलाज तथा रेफर करने के संबंध में बताया। उन्होने बताया कि मुंह में सूजन होना, बदबू आना, खून निकलना, अल्सर होना, घाव का न भरना कैंसर के लक्षण हैं। यह तम्बाकू, गुटखा और दोहरा खाने से होता है। तम्बाकू, सुपाड़ी से होने वाली अन्य बीमारियों के बारे में बताया गया। ऐसे खाद्य पदार्थ कई तरह की बीमारियों जैसे हार्ट अटैक, स्ट्रोक, डायबिटीज़ और मोटापा को जन्म देते हैं। इसके साथ ही दांतों का क्षरण, काला और पीलापन, दांतों से खून निकलता है।
    डॉ आनंद प्रकाश ने कहा कि नियमित शराब के सेवन से तनाव बढ़ता है। तनाव या शराब की अधिकता संबंधों को खराब करता है और परिवार के लोगों पर भी इसका गलत असर पड़ता है। जीवन शैली का बदलना, व्यवहार का बदलना, मुंह और व्यक्तिगत साफ-सफाई नजर अंदाज करने से भी सामान्य स्वास्थ्य के साथ -साथ मुंह के स्वास्थ्य की समस्या आती है। इसके कारण सांस लेते और छोड़ते समय मुंह से बदबू आती है।

About Author