पारिवारिक मामलों के अधिकतम वादों के निस्तारण हेतु प्री-ट्रायल की द्वितीय बैठक आयोजित

जौनपुर – उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार एवं श्रीमती वाणी रंजन अग्रवाल, माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जौनपुर के संरक्षण में 13 अगस्त 2022 को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत में परिवार न्यायालयों में लम्बित अधिकतम वादों के निस्तारण के सम्बन्ध में विचार-विमर्श हेतु सचिव पूर्णकालिक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जौनपुर विवेक विक्रम, के संयोजन एवं श्रीमती रीता कौशिक, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, जौनपुर की अध्यक्षता में उनके विश्राम कक्ष में 27 जुलाई 2022 को द्वितीय प्री-ट्रायल बैठक आहूत की गयी।
बैठक में श्रीमती रीता कौशिक, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, जौनपुर द्वारा समस्त अपर प्रधान न्यायाधीश को आगामी राष्ट्रीयलोक अदालत में अधिकतम मामलों के निस्तारण हेतु वादों को चिन्हित करने एवं पक्षकारों को समन/नोटिस प्रेषित कर लोक अदालत में वादों के निस्तारण के लाभों को बताते हुए पक्षकारों को प्रेरित किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
सचिव पूर्णकालिक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जौनपुर विवेक विक्रम द्वारा लोक अदालत के मामलों के निस्तारण से होने वाले लाभ जैसे-निस्तारण हेतु किसी प्रकार का न्याय शुल्क देय नहीं होना, राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण कर लम्बित मामलों मे न्याय शुल्क की वापसी की व्यवस्था, लोक अदालत के निर्णय के विरूद्ध कोई अपील नहीं होना बताकर लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों को निस्तारण करवाकर लोक अदालत को सफल बनाये जाने की अपील की गयी।
इस अवसर पर अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय प्रथम विजय कुमार गुप्ता, अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय तृतीयकुलदीप कुमार एवं सचिव पूर्णकालिक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जौनपुर विवेक विक्रम व परिवार न्यायालय के कांउसलर भी उपस्थित रहे।
