Jaunpur news आईजीआरएस शिकायत ने खोली अस्पताल की पोल: गलत इलाज के आरोप में कृष्णा हॉस्पिटल पर प्रशासन का शिकंजा, अस्पताल सील
आईजीआरएस शिकायत ने खोली अस्पताल की पोल: गलत इलाज के आरोप में कृष्णा हॉस्पिटल पर प्रशासन का शिकंजा, अस्पताल सील
जौनपुर। मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर दर्ज एक शिकायत ने रामपुर क्षेत्र के कृष्णा हॉस्पिटल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायत की जांच के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए सोमवार को अस्पताल को सील कर दिया। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक टीम की संयुक्त जांच में प्रथम दृष्टया अनियमितताएं सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।
मामला उस समय सामने आया जब रामपुर निवासी आसिफ अली ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाहीपूर्ण इलाज का आरोप लगाया। शिकायत के अनुसार, जनवरी माह में उनकी पत्नी की डिलीवरी कृष्णा हॉस्पिटल में कराई गई थी। आरोप है कि उपचार के दौरान लगाए गए एक इंजेक्शन के बाद उनकी पत्नी की हालत अचानक बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें तत्काल वाराणसी के एक बड़े अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
परिजनों का दावा है कि इलाज में हुई कथित चूक के कारण मरीज को लंबे समय तक शारीरिक और मानसिक कष्ट झेलना पड़ा। साथ ही उपचार पर लाखों रुपये का अतिरिक्त खर्च भी करना पड़ा। न्याय की मांग को लेकर शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल का सहारा लिया।
शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच शुरू की। जांच टीम ने अस्पताल के दस्तावेजों, उपचार संबंधी रिकॉर्ड, चिकित्सा सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं का परीक्षण किया। मरीज के परिजनों से भी पूछताछ कर तथ्य जुटाए गए।
जांच रिपोर्ट में आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से अस्पताल को सील कर दिया। अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई के दौरान अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में संचालित निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की कार्यशैली को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ऐसे संस्थानों की नियमित निगरानी जरूरी है।
प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने आने और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में और गंभीर अनियमितताएं सामने आती हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर हुई यह कार्रवाई जिले में एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखी जा रही है, जिससे मरीजों के अधिकारों की सुरक्षा को बल मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
