Jaunpur news प्रेमचंद का साहित्य और गोदान’ विशेष संगोष्ठी सफलतापूर्वक सम्पन्न

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‘प्रेमचंद का साहित्य और गोदान’ विशेष संगोष्ठी सफलतापूर्वक सम्पन्न

बयालसी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जलालपुर (जौनपुर) में दिनांक 11 अप्रैल 2026 को हिंदी साहित्य के महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद के साहित्य और उनके कालजयी उपन्यास गोदान पर विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता प्रोफेसर रेनू सिंह, अधिष्ठाता – मानविकी एवं भाषा संकाय, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक (मध्य प्रदेश) ने प्रेमचंद के साहित्यिक योगदान और गोदान की सामाजिक-आर्थिक प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रेमचंद का साहित्य भारतीय ग्रामीण जीवन का यथार्थ चित्रण है, जो आज भी उतना ही सार्थक और प्रेरक है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य एवं संरक्षक प्रो. (डॉ.) अलकेश्वरी सिंह ने की। संयोजक डॉ. अंशुमान सिंह (प्रभारी, हिंदी विभाग) तथा सह-संयोजक डॉ. प्रदीप कुमार यादव और श्री. उज्जवल सिंह ने संगोष्ठी के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. चंद्र भूषण त्रिपाठी ने गोदान पर चर्चा की। प्रो बृजेश कुमार मिश्र ने साहित्य में शोध हेतु टूल निमार्ण पर चर्चा की, इस कार्यक्रम में प्रो. प्रतिभा सिंह, डॉ. अखिलेश चंद सेठ, डॉ. जगत नारायण सिंह, डॉ. आशुतोष पाण्डेय, सफीउल्लाह अंसारी, श्री कृष्णा सिंह, हिमांशु कुमार, डॉ. अमर सिंह, डॉ. राकेश गुप्ता, डॉ. जय सिंह, श्री सोमारूराम प्रजापति, शिवसहारे, बफाती अली, युधिष्ठिर आदि ऊपस्थित ररहे डॉ. चंद्र भूषण त्रिपाठी ने गोदान पर चर्चा की, प्रो बृजेश कुमार मिश्र ने साहित्य में शोध हेतु टूल निमार्ण पर चर्चा की, इस कार्यक्रम में प्रो। प्रतिभा सिंह, डॉ. अखिलेश चंद सेठ, डॉ. जगत नारायण सिंह, डॉ. आशुतोष पाण्डेय, सफीउल्लाह अंसारी, श्री कृष्णा सिंह, हिमांशु कुमार, डॉ. अमर सिंह, डॉ. राकेश गुप्ता, डॉ. जय सिंह, श्री सोमारूराम प्रजापति, शिवसहारे, बफाती अली, युधिष्ठिर आदि ऊपस्थित रहे, संगोष्ठी में लगभग 200 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। संकाय सदस्यों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने विचार-विमर्श के माध्यम से प्रेमचंद के साहित्य की गहराई को समझने का प्रयास किया।

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