Jaunpur news खुशखबरी: बंद पड़े पांच हजार ईट भट्ठे फिर से होगे संचालित: रविंद्र प्रताप सिंह
खुशखबरी: बंद पड़े पांच हजार ईट भट्ठे फिर से होगे संचालित: रविंद्र प्रताप सिंह
जनकल्याणकारी योजनाओं से बदल रही है गांव की तस्वीर: धीरेन्द्र प्रताप सिंह
पैतृक गांव जमौली में लगे चालीस सौर ऊर्जा का फीता काटकर किया उद्घाटन
सरपतहां (जौनपुर)
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष, दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री डा.रविंद्र प्रताप सिंह ने
मंगलवार की रात अपने पैतृक गांव में उनके ही सहयोग से एक सामाजिक संस्था द्वारा गांव में चालीस सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए सौर ऊर्जा का उद्घाटन फीता काटकर किया।
बतौर मुख्य अतिथि अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि 2012 में पहली बार ईट भट्ठों की नियमावली आई थी। उसमें कुछ ऐसी शर्ते थी कि जिसकी वजह से प्रदेश के चार से पांच हजार ईट भट्ठे अवैध घोषित कर दिए गए थे। और जिनको मान्यता नहीं प्राप्त हो रही थी। अब 12 साल बाद उस नियमावली में संशोधन करने के पश्चात उसको कैबिनेट द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी ने मंजूर किया। और अब बंद पड़े ईट भट्ठे फिर से संचालित हो जायेगे।
दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में गांवो की भूमिका सबसे अहम है। अगर गांव समृद्ध और आत्मनिर्भर होगे तो विकसित भारत का संकल्प पूरा होने से कोई रोक नहीं सकता।
उन्होंने अपने संबोधन में अहम जानकारी देते हुए बताया कि कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हम लोग पूरे प्रदेश में जन जागरूकता अभियान चला रहे है। विभाग और जिला प्रशासन ने वरुणा नदी के 12 किलोमीटर की सफाई का कार्य पूर्ण कर लिया गया, इसके साथ ही वाराणसी में भी वरुणा की सफाई और जन जागरूकता अभियान चलाया गया। कहा कि प्लास्टिक का उपयोग आज कम हो रहा है। लोग खुद जागरूक हो रहे है। विशिष्ट अतिथि समाजसेवी व भाजपा नेता धीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं से गांवों की तस्वीर बदल रही है। गांवों में बिजली, स्वास्थ्य, अच्छी सड़के और बेहतर शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं मिल रही है।
इस अवसर पर सच्चिदानंद सिंह, शरद सिंह,
जसवंत, रंजीत सिंह, प्रमोद सिंह, राम विजय पांडे, विजय बहादुर सिंह, फतेह बहादुर सिंह, अभिषेक सिंह, दिग्विजय सिंह, रमेश सिंह, ओम प्रकाश सिंह, पप्पू सिंह सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
