Jaunpur news जमैथा स्थित परमहंस आश्रम पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, किया पूजन-अर्चन और गौ रक्षा आंदोलन का किया ऐलान
जमैथा स्थित परमहंस आश्रम पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, किया पूजन-अर्चन और गौ रक्षा आंदोलन का किया ऐलान
जफराबाद जौनपुर
ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य Swami Avimukteshwaranand Saraswati शनिवार को जफराबाद क्षेत्र के जमैथा गांव स्थित बाबा परमहंस आश्रम पहुंचे। यहां उन्होंने बाबा परमहंस की समाधि पर विधिवत पूजन-अर्चन किया और आश्रम परिसर में स्थापित शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। इसके साथ ही उन्होंने मंदिर में विराजमान भगवान हनुमान के दर्शन कर पूजा-अर्चना भी की।
इस दौरान आश्रम के मठाधीश Rajan Das Maharaj से शंकराचार्य ने मंदिर की परंपराओं और महर्षि यमदग्नि की तपोभूमि को लेकर विस्तार से चर्चा की। बातचीत के दौरान उन्होंने भगवान परशुराम और उनकी माता रेणुका (अखंड देवी) की महिमा का भी उल्लेख करते हुए महर्षि यमदग्नि के तपोबल और इस क्षेत्र की धार्मिक महत्ता पर प्रकाश डाला।
मंदिर प्रांगण से बाहर आने के बाद शंकराचार्य ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath को 30 जनवरी को 40 दिन का अल्टीमेटम दिया था। इस अल्टीमेटम के तहत गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग की गई है।
उन्होंने बताया कि 11 मार्च को लखनऊ में हजारों साधु-संतों और समर्थकों के साथ “गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध सभा” आयोजित की जाएगी, जिसके बाद आगे की आंदोलनात्मक रणनीति तय की जाएगी। इस दौरान उन्होंने मौजूद लोगों को गौ रक्षा की शपथ भी दिलाई और कहा कि महर्षि यमदग्नि और भगवान परशुराम भी गौभक्त थे।
आश्रम से प्रस्थान करते समय शंकराचार्य ने अखड़ो पुल के पास अपने वाहन काफिले से उतरकर माता अखड़ो (अखंड देवी) को प्रणाम किया। कार्यक्रम के दौरान ब्रतधारी शुक्ल, अमरसेन यादव, संजय शुक्ल, बृजेश तिवारी समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
