Jaunpur news जच्चा की प्रसवोपरांत मौत पर हंगामा, बच्चा सुरक्षित; लापरवाही का आरोप
जच्चा की प्रसवोपरांत मौत पर हंगामा, बच्चा सुरक्षित; लापरवाही के आरोपों से जिला अस्पताल
जौनपुर। जिला महिला चिकित्सालय में बुधवार रात प्रसव के बाद एक 24 वर्षीय जच्चा की मौत होने से अफरा-तफरी मच गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर उपचार में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए करीब ढाई घंटे तक हंगामा किया। बाद में अस्पताल प्रशासन के समझाने पर मामला शांत हुआ और परिजन शव लेकर घर लौट गए।
सरायख्वाजा क्षेत्र के हरदीपुर गांव निवासी रिंकू निषाद की पत्नी नीतू निषाद पहली बार गर्भवती थीं। प्रसव पीड़ा बढ़ने पर रात 9:30 बजे सास श्यामा देवी और देवरानी मनभावती देवी उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचीं। अस्पताल में भर्ती किए जाने के लगभग दो घंटे बाद नीतू ने सामान्य प्रसव से बच्चे को जन्म दिया, लेकिन इसके तुरंत बाद उनकी स्थिति बिगड़ने लगी।
लगातार रक्तस्राव होने के कारण रात 12:30 बजे नीतू की मौत हो गई।
नीतू के परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने समय रहते उपचार नहीं किया और शुरुआत से ही उदासीनता दिखाई। उनके अनुसार, भर्ती के समय डॉक्टरों ने कहा था कि सब कुछ ठीक है और अल्ट्रासाउंड कराने की बात कही थी। अल्ट्रासाउंड के बाद प्रसव हो गया, लेकिन प्रसव के बाद नीतू की चीखें सुनाई देती रहीं और परिजनों को अंदर नहीं जाने दिया गया। बाद में बताया गया कि उनकी मौत हो चुकी है।
दूसरी ओर, डॉ. आर.के. गुप्त ने परिजनों के आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि नीतू की हालत अस्पताल पहुंचने से पहले ही गंभीर थी—हीमोग्लोबिन बहुत कम था और रक्तचाप बेहद बढ़ा हुआ था। उन्हें किसी अन्य चिकित्सा केंद्र पर रेफर करने की सलाह दी गई थी, लेकिन परिजन तैयार नहीं हुए। डॉक्टर के अनुसार, “बहुत प्रयासों के बाद बच्चे को बचाया जा सका, लेकिन मां को नहीं बचाया जा सका।”
घटनास्थल पर पुलिस भी पहुंची और प्रारंभिक पूछताछ के बाद लौट गई। बाद में अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को समझाया, जिसके बाद वे शांत हुए और एंबुलेंस से शव लेकर घर चले गए।
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