Jaunpur news संपत्ति विवाद ने लिया हिंसक रूप, पिता-पुत्र पर जानलेवा हमला, पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
जौनपुर में संपत्ति विवाद ने लिया हिंसक रूप, पिता-पुत्र पर जानलेवा हमला, पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
जौनपुर। लाइन बाजार थाना क्षेत्र के लखनपुर गांव में संपत्ति विवाद को लेकर हालात लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। विवाद इतना बढ़ गया है कि एक बेटे पर ही अपने पिता और भाई की जान का दुश्मन बनने का आरोप लग रहा है। पीड़ित पक्ष ने स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
बताया गया कि कोतवाली थाना क्षेत्र के उर्दू बाजार मोहल्ला निवासी चंद्रभान जायसवाल की लखनपुर गांव में स्थित संपत्ति को लेकर लंबे समय से पारिवारिक विवाद चला आ रहा है। इसी विवाद के चलते रविवार की शाम करीब 6:30 बजे डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों ने घर पर हमला बोल दिया। आरोप है कि हमलावरों ने वहां काम कर रहीं मनीषा यादव और चांदनी सरोज के साथ मारपीट की और उन्हें घसीटते हुए ले जाने का प्रयास किया। घायल युवतियां किसी तरह अंजलि थाने पहुंचीं, जहां से पुलिस ने उन्हें जिला अस्पताल उपचार के लिए भेजा।
घटना यहीं नहीं रुकी। देर रात करीब 11:30 बजे हमलावरों ने दोबारा धावा बोलते हुए चंद्रभान जायसवाल और उनके पुत्र सोनू जायसवाल पर हमला कर दिया। इस हमले में दोनों को गंभीर चोटें आईं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज नहीं किया, जिससे वे निराश होकर सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और प्रार्थना पत्र दिया।
मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई। मंगलवार को चंद्रभान जायसवाल और उनके पुत्र सोनू का जिला अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। इसके बाद पुलिस ने प्रेम जायसवाल, उनकी पत्नी दीपा जायसवाल, प्रेम की साली वंदना जायसवाल, संजय जायसवाल की पत्नी सहित चिक्की मौर्य, विशाल मौर्य, चाहेटू, रमेश, मनीष कुमार, युवराज जायसवाल समेत कई नामजद आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया, साथ ही 10 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
पीड़ितों का कहना है कि संपत्ति को लेकर यह विवाद कोई नया नहीं है। पिछले कई महीनों से दोनों पक्षों के बीच लगातार झगड़े और मुकदमेबाजी चल रही है। आरोप है कि अब तक जिला व पुलिस प्रशासन द्वारा कोई ठोस और स्थायी कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते आए दिन चंद्रभान जायसवाल और उनके बेटे सोनू के साथ घटनाएं हो रही हैं।
चंद्रभान जायसवाल ने आशंका जताई है कि कभी भी उनकी या उनके बेटे की हत्या कर दी जा सकती है। उन्होंने शासन और प्रशासन से जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाते हुए मामले में निष्पक्ष व कठोर कार्रवाई की मांग की है।
