Jaunpur news टेढ़े-मेढ़े पैरों से पीड़ित बच्चों का मेडिकल कॉलेज में होगा इलाज

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इन्द्रजीत सिंह मौर्य की रिपोर्ट

टेढ़े-मेढ़े पैरों से पीड़ित बच्चों का मेडिकल कॉलेज में होगा इलाज

अनुष्का फाउंडेशन व एमओयू ने दी जिले के लिए नई सौगात

जौनपुर। जिले के उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में अब टेढ़े-मेढ़े पैरों वाले बच्चों का बेहतर इलाज किया जाएगा। तीन चरणों में होने वाले इस विशेष उपचार के बाद सभी बच्चे अपने खुद के दम पर चलने फिरने लगेंगे और समाज में उनकी बराबर की भागीदारी बन सकेगी।
बड़े भौगोलिक क्षेत्रफल वाले इस जिले के लिए नए वर्ष में मिली यह विशेष सौगात आर्थोपेडिक्स विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो उमेश सरोज की पहल पर अनुष्का फाउंडेशन का एमयू प्रस्ताव मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो डॉ आरबी कमल को दिया ।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बाद में श्री कमल ने
अपने स्वीकृति की मोहर लगा दी।
इस संबंध में मंगलवार को विस्तार से बताते हुए
आर्थोपेडिक्स विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो उमेश सरोज ने कहा कि टेढ़े पंजे (क्लबफुट) से पीड़ित बच्चों का हर शुक्रवार मेडिकल कॉलेज में इलाज होता है।
यह सुविधा अनुष्का फाउंडेशन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के सहयोग से मिलती है।
क्लबफुट से बच्चों को मुक्त कराने के लिए इसके इलाज की प्रक्रिया तीन चरणों में होता है।
पहला चरण कास्टिंग (प्लास्टर) का होता है। इसमें पांच से छह प्लास्टर लगाकर पैर सीधा किया जाता है। हर सप्ताह नया प्लास्टर चढ़ाया जाता है।
दूसरे चरण में टेनोटॉमी होती है, जिसमें एड़ी के पीछे छोटा सा चीरा लगाकर पैर को लचीला बनाया जाता है।
तीसरे चरण में ब्रसेज की प्रक्रिया होती है। इस चरण में टेनोटॉमी के बाद बच्चों को विशेष जूते पहनाए जाते हैं।
अनुष्का फाउंडेशन की जिला समन्वयक अंकिता श्रीवास्तव ने बताया कि बच्चे को यह जूते शुरुआती तीन महीने तक 23 घंटे प्रतिदिन पहनाए जाते हैं।
केवल सोते समय एक से दो घंटे निकाले जाते हैं। यह पूरी प्रक्रिया लगभग पांच साल तक चलती रहती है और पूरी तरह से निःशुल्क होती है।

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77 बच्चों के जीवन में आ चुकी हैं नई सौगात

जौनपुर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के डीईआईसी मैनेजर अमित गौड़ ने बताया कि उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में अब टेढ़े मेढ़े बच्चों के इलाज की जो पहल शुरू हुई है उसका सुखद परिणाम
सबसे पहले प्रमाण के तौर पर जिले के विभिन्न ब्लॉकों से आए 77 बच्चों का सफल उपचार किया गया। जिसका बेहद ही सुखद परिणाम आया और 354 बच्चों का इलाज सफलतापूर्वक किया जा चुका है।
उन्होंने अभिभावकों से हर शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज (हड्डी विभाग) में आकर इस निःशुल्क सेवा का लाभ उठाने की अपील की है।

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निशुल्क रहेगी यह पूरी चिकित्सीय व्यवस्था, प्रो कमल
जौनपुर। प्रत्येक शुक्रवार को जिले के इस मेडिकल कॉलेज में होने वाली यह पूरी चिकित्सीय व्यवस्था निशुल्क होगी। यह जानकारी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ आर बी कमल ने दी है। उन्होंने संबंधित संस्था से जुड़े लोगों व अनुष्का फाउंडेशन का एम०ओ०यू० प्रस्ताव प्राप्त करते हुए जिला समन्वयक अंकिता श्रीवास्तव को स्पष्ट रूप से अवगत कराया
कि इस पूरी प्रक्रिया में कभी भी लेनदेन की कोई शिकायत आई तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिससे जिले भर के ऐसे बच्चे इलाज के लिए आए और निःशुल्क सुविधा का लाभ उठाया।

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