Jaunpur news पहितियापुर मिडिल स्कूल बंद होने से नाराज ग्रामीणों की पंचायत
पहितियापुर मिडिल स्कूल बंद होने से नाराज ग्रामीणों की पंचायत
“सरकारी स्कूल बचाओ संघर्ष समिति” ने शिक्षा विभाग पर लगाया अनदेखी का आरोप
Jaunpur news बदलापुर (जौनपुर)। उत्तर प्रदेश सरकार के स्कूल मर्जर नीति पर यू-टर्न के बाद भी पहितियापुर मिडिल स्कूल को पुनः न खोले जाने पर “सरकारी स्कूल बचाओ संघर्ष समिति” ने रविवार को ग्राम सचिवालय में ग्रामीण पंचायत आयोजित की। पंचायत में शिक्षा विभाग पर ग्रामीणों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया गया।
समिति के संयोजक संतोष कुमार ने कहा कि प्रदेश में करीब 27,000 सरकारी स्कूलों का मर्जर और बंद करने की प्रक्रिया जारी रही है, जिसके खिलाफ छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों ने व्यापक आंदोलन चलाया। जनदबाव में सरकार को निर्णय पर यू-टर्न लेना पड़ा, लेकिन हकीकत यह है कि बंद किए गए स्कूल अब भी नहीं खोले गए हैं।
राहुल गुप्ता ने बताया कि बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने घोषणा की थी कि 1 किमी से अधिक दूरी, या हाईवे, रेलवे और नदी जैसे जोखिमभरे रास्तों से होकर जाने वाले स्कूलों को बंद नहीं किया जाएगा, लेकिन 10 दिन बीतने के बाद भी इस दायरे में आने वाले स्कूल शुरू नहीं हुए।
अभिभावक अशोक कुमार ने कहा कि लगभग सात दशक से संचालित पहितियापुर मिडिल स्कूल को 26 जून से बंद कर सिंगरामऊ में मर्ज कर दिया गया है, जबकि वहां पहुंचने के लिए बच्चों को 3 किमी दूर हाईवे और भीड़भाड़ वाली बाजार पार करनी पड़ती है, जिससे उनकी सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
सायरा बानो और निशा देवी ने कहा कि जुलाई और अगस्त का महीना बीतने के बावजूद बच्चों की पढ़ाई ठप है और एडमिशन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है, जिससे बच्चों का भविष्य खतरे में है।
रामसिंगार दूबे ने कहा कि छात्र संख्या के आधार पर स्कूल बंद करना अलोकतांत्रिक, असंवैधानिक और शिक्षा विरोधी कदम है, जो शिक्षा के अधिकार को सीमित करेगा। समिति ने चेतावनी दी कि यदि स्कूल तुरंत न खोले गए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
बैठक में सुमित्रा देवी, जैगुन्निशा, भारत प्रजापति, सरोज खरवार, रवि दूबे, सिद्धार्थ, रहमान, विवेक, अजय, मृदुल दूबे, दिलीप कुमार, सफीक, निर्मला देवी, सतीश यादव, भरत मौर्य सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
