January 27, 2026

Jaunpur news किसान नेता अजीत सिंह छह दिन से हाउस अरेस्ट, मुआवजा और सिंचाई संकट पर फूटा आक्रोश

Share

प्रधानमंत्री को ज्ञापन देने जा रहे किसान नेता अजीत सिंह छह दिन से हाउस अरेस्ट, मुआवजा और सिंचाई संकट पर फूटा आक्रोश

Jaunpur news जौनपुर। पूर्वांचल किसान संगठन के किसान नेता अजीत सिंह को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को देखते हुए पिछले 6 दिनों से हाउस अरेस्ट में रखा गया है। अजीत सिंह राष्ट्रीय राजमार्ग-233 के निर्माण से प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने और नहरों में पानी न आने की समस्या को लेकर प्रधानमंत्री को ज्ञापन देने बनारस जा रहे थे।

Up बताया जा रहा है कि केराकत तहसील अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-233 के निर्माण से करीब 4000 किसान प्रभावित हुए हैं। वर्ष 2012 से लंबित मुआवजा प्रकरण का अब तक निस्तारण नहीं हो पाया है। अधिकांश किसानों ने मुआवजा प्राप्ति हेतु सहमति पत्र भी जमा कर दिया है, फिर भी उन्हें उनका हक नहीं मिल सका है। मुआवजे की प्रक्रिया में लापरवाही के कारण वाराणसी-आजमगढ़-जौनपुर मार्ग पर 16 किलोमीटर सड़क निर्माण अधूरा है। यह सड़क काफी संकरी है, जिससे लगातार हादसे हो रहे हैं और अब तक 500 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।

वहीं, धान की रोपाई का समय होने के बावजूद नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया है, जिससे किसान दोहरी मार झेल रहे हैं। एक तरफ सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का दावा कर रही है, दूसरी ओर जमीनी हकीकत इसके विपरीत नजर आ रही है।

मीडिया से बात करते हुए किसान नेता अजीत सिंह ने कहा, “हम प्रधानमंत्री से मिलकर किसानों की समस्याएं बताना चाहते थे, लेकिन 28 जुलाई से मुझे हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। बड़े नेताओं को तो दो घंटे में छोड़ दिया जाता है, लेकिन मुझे पिछले छह दिनों से नजरबंद किया गया है। जब तक किसानों को उनका मुआवजा नहीं मिलता और सिंचाई की समस्या हल नहीं होती, हम प्रधानमंत्री को ज्ञापन देंगे। जरूरत पड़ी तो मृतक किसानों की तस्वीरें लेकर प्रदर्शन करेंगे।”

किसानों की मांग है कि मुआवजा जल्द से जल्द वितरित किया जाए और नहरों में पानी छोड़ा जाए ताकि फसलें समय पर लगाई जा सकें। प्रशासन की चुप्पी और पुलिसिया रवैये से किसानों में भारी आक्रोश है।

About Author