January 26, 2026

Jaunpur news झूठ के साए से निकला सच: वरिष्ठ सहायक सुनील कुमार को मिली क्लीन चिट, अब छवि धूमिल करने वालों पर कार्रवाई का संकल्प

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झूठ के साए से निकला सच: वरिष्ठ सहायक सुनील कुमार को मिली क्लीन चिट, अब छवि धूमिल करने वालों पर कार्रवाई का संकल्प

जौनपुर।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) सिद्दीकपुर में लाखों रुपये के कथित गबन के मामले में फंसे वरिष्ठ सहायक सुनील कुमार को अंततः न्याय मिल गया है। विभागीय जांच में उन्हें पूरी तरह निर्दोष पाया गया, जिससे अब उनकी छवि पर लगे दाग हट गए हैं।

वर्ष 2019 से 2021 के बीच प्रायोगिक परीक्षाओं के नाम पर लगभग 4.5 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया था। आरोप था कि फर्जी दस्तावेजों और अवैध नियुक्तियों के माध्यम से इस रकम का गबन किया गया। इसी क्रम में वरिष्ठ सहायक सुनील कुमार का नाम भी इस मामले से जोड़ा गया था।

लेकिन विभागीय जांच में आरोप पूरी तरह निराधार पाए गए। सुनील कुमार ने बताया कि उनके खिलाफ यह सुनियोजित षड्यंत्र था, जिसकी पटकथा रमेशचंद्र नामक एक व्यक्ति ने रची थी। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक हस्तक्षेप का झूठा प्रचार कर मामले को भटकाने की कोशिश की गई। यहाँ तक कि विधायक जगदीश नारायण राय का नाम घसीटा गया और कहा गया कि उनके पत्र से उनका तबादला हुआ, जबकि यह सरासर अफवाह साबित हुआ।

सुनील कुमार ने कहा, “जिन लोगों ने मुझ पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, वे खुद निजी आईटीआई स्कूलों के जरिए परीक्षार्थियों से अवैध वसूली में संलिप्त हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि यह आरोप उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाला था, परंतु उन्हें सत्य और न्याय पर भरोसा था। विभागीय जांच में निर्दोष साबित होने के बाद उन्होंने राहत की सांस ली है।

स्वास्थ्य कारणों से अभी वे उपचाराधीन हैं, लेकिन जैसे ही पूर्णतः स्वस्थ होंगे, वे कानूनी कार्रवाई कर उन लोगों को न्याय के कठघरे में लाने का संकल्प ले चुके हैं जिन्होंने उनके खिलाफ झूठी शिकायतें और चरित्र हनन का प्रयास किया।

इस पूरे प्रकरण पर जब संस्थान के प्राचार्य मनीष पाल से उनके दोनों मोबाइल नंबर (9450435332 और 9140524117) पर बात करने की कोशिश की गई, तो कई बार कॉल करने के बावजूद कोई उत्तर नहीं मिला।


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