Jaunpur news पत्रकार उत्पीड़न पर पत्रकारों का फूटा गुस्सा, तामीर हसन शीबू बोले – “पत्रकारों के साथ अभद्रता बर्दाश्त नहीं”
पत्रकार उत्पीड़न पर पत्रकारों का फूटा गुस्सा, तामीर हसन शीबू बोले – “पत्रकारों के साथ अभद्रता बर्दाश्त नहीं”
राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद ने सौंपा ज्ञापन, सीओ सिटी और चौकी प्रभारी को निलंबित करने की मांग
जौनपुर।
बांदा जनपद में वरिष्ठ पत्रकार एवं राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद के युवा जिलाध्यक्ष नीरज निगम के साथ हुई कथित पुलिसिया अभद्रता और उत्पीड़न के विरोध में पत्रकारों का आक्रोश भड़क उठा। राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद (पंजीकृत) ने इस मामले को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला करार देते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र कुमार मिश्रा के आह्वान पर परिषद की जौनपुर इकाई ने जिलाधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। परिषद का आरोप है कि 2 जून 2025 की रात सीओ सिटी राजीव प्रताप सिंह और सिविल लाइन चौकी प्रभारी शिवरतन गुप्ता ने पत्रकार नीरज निगम को फोन कर कोतवाली बुलाया, जहां उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, गाली-गलौज की गई और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
इस घटना के बाद नीरज निगम के खिलाफ एफआईआर संख्या 0509 दर्ज की गई, जिसे परिषद ने फर्जी बताते हुए तत्काल निरस्त करने की मांग की है।
परिषद की चार प्रमुख मांगे:
- पत्रकार नीरज निगम को झूठे मुकदमे में फंसाने वालों की पहचान कर कठोर कार्रवाई की जाए।
- सीओ सिटी राजीव प्रताप सिंह व चौकी प्रभारी शिवरतन गुप्ता को तत्काल निलंबित कर उनके विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाए।
- एफआईआर संख्या 0509 में दर्ज फर्जी धाराएं रद्द की जाएं।
- पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच किसी स्वतंत्र उच्चाधिकारी से कराई जाए।
इस मौके पर परिषद के जौनपुर जिलाध्यक्ष तामीर हसन शीबू ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “कलम हमारी, आवाज आपकी” के सिद्धांत पर चलने वाले पत्रकारों को यदि झूठे मुकदमों में फंसाया जाएगा तो यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत होगा। उन्होंने चेताया कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो परिषद राज्यव्यापी आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से शशिकांत मौर्य, राजेश गौतम, सुरेश शर्मा, संजय कुमार सिंह, डॉ. इम्तियाज़ सिद्दीकी, इज़हार हुसैन, मनीष श्रीवास्तव, रियाज़ुल हक़, राहुल गुप्ता, अनवर हुसैन, अमित तिवारी, रवि केसरी, कलीम सिद्दीकी, मोहम्मद हारून, मोहम्मद अल्ताफ, रवि सिन्हा, जितेंद्र बहादुर सिंह, कपिल देव सिंह, गंगेश निगम, सिकंदर भारती, हिमांशु विश्वकर्मा, अभिषेक पटेल, सोनू गुप्ता, आशीष मौर्य, रोहित पटेल समेत बड़ी संख्या में पत्रकार शामिल रहे।
परिषद ने इस घटना को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताते हुए स्पष्ट किया है कि लोकतंत्र को कमजोर करने वाले किसी भी प्रयास का हर मंच पर विरोध किया जाएगा।
