Jaunpur news अविवाहित अधिवक्ता ने आखिर क्यों लगाई फांसी
अविवाहित अधिवक्ता ने आखिर क्यों लगाई फांसी
प्रयागराज पुलिस ने प्रथम दृष्टया मामले को प्रेम प्रसंग बताया
जंघई, जौनपुर।
Jaunpur news जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र के अमाई गांव निवासी इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक अधिवक्ता ने वीडियो कॉल कर फंदे से लटक कर अपनी जान दे दी। जिसकी जानकारी होते ही गांव में तरह तरह की चर्चाएं दूसरे दिन होती रही।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक युवा अधिवक्ता ने अपने डॉक्टर भाई को वीडियो कॉल किया । उसके बाद लाइव रहते हुए फांसी लगाकर जान दे दी। उसकी इस हरकत से भाई के होश उड़ गए। सूचना पर पहुची प्रयागराज पुलिस अधिवक्ता का मोबाइल कब्जे में लेकर जांच पड़ताल कर रही है। आत्महत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। किन्तु ग्रामीणों में तरह तरह की चर्चाएं दिनभर होती रही।
अमाई गांव निवासी करीब 27 वर्षीय मिथिलेश राज गौतम इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकालत करते थे। शिवकुटी में उनकी बहन का मकान है। उसी मकान में वह रहते थे। बहन परिवार के साथ बाहर रहती हैं। आसपास के लोगो ने बताया कि शनिवार शाम को करीब चार बजे मिथिलेश हाईकोर्ट से अपने कमरे पर लौटे थे। और किसी बात से परेशान होकर अपने भाई डॉक्टर शरद कुमार को वीडियो कॉल किया। बातचीत के दौरान अधिवक्ता ने कहा कि वह फांसी लगाकर जान देने जा रहा है। इससे पहले कि डॉक्टर शरद कुछ कर पाते, विमलेश ने कमरे में फांसी का फंदा बनाना शुरू किया। इस दौरान उसने मोबाइल को डिस्कनेक्ट नहीं किया था।
फांसी की बात सुनकर उसे समझाता हुआ भाई विवश हो उसे फंदे पर झूलता देख चीख पड़ा।
घबराकर उसने वकील के दोस्तों व रिश्तेदारों से संपर्क कर मामले को बताया।
इसके साथ ही पुलिस को भी सूचना दी। कुछ देर बाद ही आसपास के परिचित लोग वहां पहुंच गए। लेकिन अधिवक्ता के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। पुलिस पहुंची तो उसके सामने दरवाजा तोड़ा गया। कमरे के अंदर अधिवक्ता फांसी के फंदे पर लटका मिले। अधिवक्ता की अभी शादी नहीं हुई थी। वह फांसी क्यो लगा लिया इसकी दिनभर चर्चा होती रही।
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प्रेम प्रसंग को लेकर शुरू हुई चर्चाएं
जंघई। युवा अधिवक्ता की मौत को लेकर
दबी जुबान लोगों में चर्चा हो रही कि विमलेश का एक लड़की से अफेयर चल रहा था।
किंतु विमलेश के परिजन उससे शादी नहीं करना चाहते थे। इसी बीच उक्त लड़की ने दुखी मन से अन्यत्र तय हुई। शादी की अपनी गोद भराई की सूचना विमलेश को दे दी। जिससे अधिवक्ता का मन इतना व्यथित हुआ कि उसने ऐसा आत्मघाती कदम उठा लिया।
प्रयागराज पुलिस ने शव को शनिवार को ही कब्जे में लेकर पी एम के लिए भेज दिया था। रविवार को परिजनों ने रोते बिलखते शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
